तालिबान बात नहीं सुन रहा, मनाने के लिए मौलवियों का प्रतिनिधिमंडल भेजेगा पाकिस्तान

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी मौलवियों का एक प्रतिनिधिमंडल दक्षिण-पश्चिमी चमन सीमा क्षेत्र में सीमा पार शत्रुता को समाप्त करने के लिए अफगान अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए इस सप्ताह अफगानिस्तान की यात्रा करेगा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।समाचार पत्र ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने चमन जिला प्रशासन के हवाले से अपनी खबर में बताया कि चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और तालिबान के प्रमुख नेताओं के साथ कंधार और काबुल में बैठक करेगा।

सुरक्षाबलों की फ्लैग मीटिंग स्थगित
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा सुरक्षा बलों की ‘फ्लैग बैठक’ स्थगित कर दी गई है। पाकिस्तान ने शुक्रवार अफगानिस्तान के प्रभारी राजदूत को तलब करके चमन इलाके के निकट अफगान सैनिकों की ओर से “बिना उकसावे” के की गई गोलीबारी की हालिया घटनाओं की निंदा की थी।

चमन बार्डर पर भिड़ चुके हैं पाकिस्तान-तालिबान
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चमन-स्पिन बोल्डक इलाके में गुरुवार को अफगान तालिबान बलों की ओर से की गई गोलीबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने तालिबान सरकार के प्रतिनिधि को तलब कर कड़ा विरोध भी दर्ज करवाया था। पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने तो तालिबान के साथ संबंध तोड़ने की धमकी दे दी थी।

लगातार हो रही हिंसक घटनाएं
हाल के महीनों में ऐसी कई हिंसक घटनाएं और हमले हुए हैं, जिनके चलते पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तालिबान शासकों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। बृहस्पतिवार को हुई हिंसा एक सप्ताह से भी कम समय में हुई इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 10 दिसंबर को हुए इसी तरह के एक हमले में सात नागरिकों की मौत हो गई थी।