इस्‍लामाबाद को ‘किला’ बना रहा पाकिस्‍तान, खौफ में अमेरिका-सऊदी, किससे घबराए जनरल मुनीर?

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान ने राजधानी इस्‍लामाबाद को किला बनाने का फैसला किया है। इस्‍लामाबाद में जोरदार आत्‍मघाती हमले के बाद अब पाकिस्‍तान की सरकार देश की राजधानी में 25 चेकपोस्‍ट बनाने जा रही है। यही नहीं पाकिस्‍तान सरकार ने आदेश दिया है कि चाहे वह पाकिस्‍तानी नागरिक हों या विदेशी उन्‍हें अपना पहचान पत्र लेकर चलना होगा। यही नहीं पूरे इस्‍लामाबाद की खुफिया कैमरों से निगरानी की जाएगी। पाकिस्‍तान की सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान के भीषण हमले का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका, सऊदी अरब समेत कई देशों ने अपने नागर‍िकों को चेतावनी दी है कि वे इस्‍लामाबाद के मैरिएट होटल न जाएं।

इस्‍लामाबाद के रेड जोन इलाके की सुरक्षा पाकिस्‍तानी सेना करती है। इसी इलाके में शहबाज शरीफ समेत पाकिस्‍तान के शीर्ष नेतृत्‍व का कार्यालय और निवास है। दरअसल, अफगानिस्‍तान में तालिबान राज के आने के बाद पाकिस्‍तान में टीटीपी ने खूनी हमले तेज कर दिए हैं। अगस्‍त 2021 से अगस्‍त 2022 के बीच में आतंकी हमलों में 52 प्रतिशत की तेजी आई है। टीटीपी के इन भीषण हमलों में पाकिस्‍तानी सेना और पुलिस के 120 जवान मारे गए हैं। इससे पहले के आर्मी चीफ जनरल बाजवा और आईएसआई चीफ जनरल फैज ने टीटीपी के साथ डील किया और उन्‍हें खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत में आने दिया।

पाकिस्‍तान के लिए नासूर बना टीटीपी

बाजवा और फैज का यह फैसला आज पाकिस्‍तान के लिए नासूर बन गया है और टीटीपी ने करीब 9 साल के बाद राजधानी इस्‍लामाबाद को दहला दिया है। ये आतंकी अफगानिस्‍तान से अब पाकिस्‍तान में बड़े पैमाने पर घुस आए हैं। यही नहीं टीटीपी अपने अंदर कई और आतंकी गुटों को शामिल करा रहा है जिससे उसकी ताकत बहुत बढ़ती जा रही है। यही नहीं बलूच विद्रोही भी पाकिस्‍तानी सेना के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं जो लगातार भीषण हमले कर रहे हैं। ये विद्रोही पाकिस्‍तान के आयरन ब्रदर चीन को भी निशाना बना रहे हैं। इन हमलों में कई चीनी मारे भी गए हैं।

पाकिस्‍तानी सेना अब टीटीपी के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई पर विचार कर रही है। पाकिस्‍तान ने साल 2015 से साल 2020 के बीच में टीटीपी के खिलाफ कई कार्रवाई करके इस आंदोलन को कुचल दिया था लेकिन इमरान सरकार के गलत फैसले की वजह से ये फिर से उभर आए हैं। इन आतंकियों का सबसे खतरनाक खेल साल 2022 में शुरू हुआ है जब उन्‍होंने आत्‍मघाती हमलों को अंजाम देना शुरू किया है। पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान प्रांत और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में सबसे ज्‍यादा आत्‍मघाती हमले हो रहे हैं जिससे वहां पर सुरक्षा के हालात बहुत खराब हो गए हैं।

तालिबान और पाकिस्‍तान में जंग जैसे हालात

इसके अलावा अब पाकिस्‍तान और तालिबान के बीच जंग जैसे हालात हैं। सीमा पर कई बार तालिबान और पाकिस्‍तानी सेना के बीच तोपें गरज चुकी हैं। इस तनाव में तब तेजी आई जब पाकिस्‍तान की मदद से अमेरिका ने अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी को काबुल में घुसकर मार दिया। तालिबानी इसको लेकर पाकिस्‍तान पर भड़क उठे थे। उधर, पाकिस्‍तान अब तालिबान से टीटीपी पर ऐक्‍शन की मांग कर रहा है। दोनों के बीच सीमा विवाद भी बहुत गंभीर हो गया है।