Pakistan-Iran तनाव, ताइवान चुनाव, मालदीव से सैनिकों की वापसी, विदेश मंत्रालय ने साफ किया अपना रुख

विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान और ईरान को लेकर हमने बयान जारी किया था। उसमें हमने कहा था कि मामला तो वैसे पाकिस्तान और ईरान के बीच का है। जहां तक आतंकवाद की बात है वहां हमने अपनी बात रखी। लाल सागर की समस्या को लेकर हम चितिंत है। ये एक महत्वपूर्ण शिपिंग लेन है। हमारी नेवी वहां पेट्रोलिंग कर रही है। ताइवान चुनाव को लेकर भारत ने कहा कि भारत वहां के लोगों, वहां की सांस्कृतिक, शैक्षिक, व्यापार बीच मजबूत संबंध हैं। भारत-मालदीव कोर ग्रुप बैठक में क्या हुआ? मालदीव को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि 14 तारीख को हमारी कोर ग्रुप की मीटिंग हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मालदीव के लोगों को मानवीय और मेडवैक सेवाएं प्रदान करने वाले भारतीय विमानन प्लेटफार्मों के निरंतर संचालन को सक्षम करने के लिए पारस्परिक रूप से व्यावहारिक समाधान खोजने पर भी चर्चा की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने चल रही विकास सहयोग परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने सहित साझेदारी को बढ़ाने के कदमों की पहचान करने की दिशा में द्विपक्षीय सहयोग से संबंधित व्यापक मुद्दों पर चर्चा की। उच्च स्तरीय कोर ग्रुप की अगली बैठक पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत में आयोजित करने पर सहमति हुई। इसे भी पढ़ें: Secretes of Galwan: गलवान के बाद LAC पर चीन ने 2 बार की गंदी हरकत, हथियार छीनकर भारतीय जवानों ने PLA को वापस दौड़ाया8 भारतीय पूर्व नौसैनिकों के केस पर क्या अपडेटकतर में फंसे 8 भारतीय पूर्व नौसिकों की फांसी की सजा को कम कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लीगल टीम पूरे मामले को देख रही है। 8 नागरिकों के पास 60 दिनों की समयसीमा है जिसमें उन्हें अपनी अपील दायर करनी होगी। 28 दिसंबर को कोर्ट ऑफ अपील ने अपना फैसला सुनाया। हमें कॉन्सलर एक्केस मिला और हमारी राजनयिक ने जाकर उनसे मुलाकात भी की।