Opinion: पहले मोरबी अब वडोदरा नाव दुर्घटना, डरा रहा है द्वारका का वीडियो, कब रुकेगा ये खिलवाड़?

अहमदाबाद: में माेरबी ब्रिज हादसे के साथ वडोदरा में नाव पलटने की बड़ी दुर्घटना हुई। इसमें पिकनिक पर गए 12 छोटे बच्चों के साथ निजी स्कूली की दो शिक्षिकाओं की मौत हो गई। स्कूल ने अभिभावकों से 750 रुपये की पिकनि क फीस के साथ कसेंट ली थी, दर्दनाक हादसे में अपने बच्चाें को खोने वाले परिजन खुद को कोस रहे हैं, उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। ऐसा हो भी क्यों न, उनकी दुनिया उजड़ गई है। इस हादसे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने फिर कड़ी कार्रवाई (कड़क पगला) करने को कहा है, सरकार की तरफ से ऐसे ही बयान मोरबी हादसे के बाद दिए गए थे। यूं तो हादसों का वक्त मुकर्रर नहीं होता, लेकिन सावधानी हादसों टाल देती है सुरक्षा नुकसान को कम करती है। पता नहीं वडोदरा की ह्दय विदारक घटना से सिस्टम में बैठे अधिकारी कुछ सबक लेंगे या फिर यूं चलता रहेगा। कब तक होगा सुरक्षा से खिलवाड़? वडोदरा हादसे में अभी तक की जांच में जो पहलु सामने आए हैं। उनमें सबसे बड़ा पहलु है कि नाव में क्षमता से लोगों को बैठाया गया। इसके साथ लाइफ जैकेट और लाइफ गार्ड की व्यवस्था मौके पर नहीं थी। न्यू सनराइज स्कूल के संचालक की तरफ से कहा गया है कि स्कूल की एक शिक्षक ने नाव में अधिक छात्रों को बैठाने से मना किया था, तो उस वक्त नाव का संचालन कर रहे युवकों ने कहा कि ये उनका रोज का काम है। हादसे रोज नहीं होते हैं किसी एक दिन होता और फिर गहरे जख्म मिलते हैं। विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि अगर पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई होती तो इतने बच्चों की जान नहीं जाती। वडोदरा की घटना के बाद सिस्टम में जिन लोगों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का दायित्व है। वे कितन जागेंगे है, यह तो वक्त बताए लेकिन गुजरात के द्वारका से आए वीडियो काफी सवाल खड़े कर रहा है। क्या हादसे के खुलेगी नींद? यह वीडियो वडोदरा के हादसे के बाद सुर्खियों में आया है। इसमें सामने आया कि बेट द्वारका में संचालित होने वाली नावों पर खुलेआम लापरवाही हो रही है। यहां नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है। इतना ही नहीं एक नाव में 200 से 250 लोगों की मौजूदगी के बाद चार-छह लाइफ जैकेट ही हैं। इस वीडियो की शूट करने वाली पूजा माकड़िया के अनुसार जो दलील वडोदरा में नाव चल रहे लोगों ने शिक्षकों को दी। वहीं दलील बेट द्वारका में नाव चलाने वाले देते हैं। पूजा के अनुसार बोट पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर मैं चिंतित थी, इसलिए मैंने वीडियो शूट किया। युवती के अनुसार काफी कहासुनी के बाद नाव चला रहे युवक पर कोई असर नहीं हुआ। जब उसने वीडियो बनाया और हंगामा किया तो नाव चला रहे युवक ने और लोगों को बैठाया। पूजाबेन माकडिया का यह वीडियो वडोदरा हादसे के बाद चर्चा में है। कैसे मिलेगा सुरक्षा का भरोसा? सवाल यह है कि पहले मोरबी और अब वडोदरा नाव हादसे के बाद जिम्मेदारों के कानों पर जूं रेंगेगी या फिर निर्दोष लोग यूं ही जान गंवाते रहेंगे। हादसों के बाद सरकार को आगे आकर फिर कड़ी कार्रवाई और दोषी छोड़ें नहीं जाएंगे वाले बयान दोहराए जाएंगे। वडोदरा हादसे में सवाल स्कूल संचालकों पर भी खड़े हो रहे हैं कि उन्होंने अपने स्तर सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं किया, इसके चलते 12 होनहार बच्चों की मौत हो गई। इन बच्चों के जाने से जहां उनके परिवारों को पूरी जिंदगी का जख्म मिला है तो स्कूल में दूसरे छात्र सहमे हुए हैं। ये बच्चे पूछ रहे हैं कि अगली बार जब पिकनिक मानने जाएंगे तो ऐसी दुर्घटना नहीं होगी। कोई मासूमों की जिंदगी से नहीं खेलेगा। उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होगा।