10 दिनों की मैटरनिटी लीव, 11वें दिन बच्ची को गोद में लेकर ड्यूटी पर पहुंची ये IPS

हिसार: सदियों तक समाज में शोषण का शिकार रही महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में खुद को साबित कर रही है। नौकरी हो या फिर व्यापार सभी क्षेत्रों में महिलाएं अब पुरुषवादी सोच को आईना दिखाते हुए अपनी प्रतिभा का हुनर दिखा रही हैं। कुछ महिलाएं तो अपनी मेहनत के दम पर बड़ी सफलताएं अर्जित कर रोल मॉडल बनकर समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। ऐसी ही एक रोल मॉडल है हरियाणा के हांसी पुलिस जिला की पुलिस कप्तान डॉ नितिका गहलोत। क्राइम के मामले में अव्वल क्षेत्र में एसपी कड़ी मेहनत से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने में जी जान से जुटी हुई हैं।आईपीएस नितिका गहलोत के काम के प्रति लग्न का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने केवल 10 दिनों का मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) लिया और 11 वें दिन अपनी नवजात बेटी को गोदी में लेकर जिला पुलिस कार्यालय में ड्यूटी पर पहुंच गई। कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारी एसपी मैडम का काम के प्रति जूनून को देखकर दंग रह गए। महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी एसपी नितिका गहलोत वर्तमान में अपनी बेटी को गोद मे लेकर कार्यालय में जनता की फरियाद सुनती हैं और तमाम जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाह कर रही है। अक्सर शाम 5 बजे के बाद भी उन्हें फरियाद सुनते हुए कार्यालय में देखा जा सकता है।बीते करीब ढाई सालों से हांसी पुलिस जिला की कमान संभाल रही आईपीएस नितिका गहलोत ने क्षेत्र में क्राइम की गतिविधियों को रोकने के लिए कई पहल की। पुलिसिंग को लेकर वह पूरी एक्टिव मोड में रहती हैं और छोटी-छोटी घटनाओं पर स्वयं नजर रखती है। बीते साल पूरे प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने में दूसरे नंबर पर रही व नशे के मामलों को पकड़ने मे तीसरे स्थान पर। इसके अलावा 4 किलो अफीम का हाईप्रोफाइल मामले भी एसपी नितिका गहलोत के नितृत्व में जिला पुलिस ने पकड़ा। इस मामले में नेपाल से महिला सरगना को गिरफ्तार किया गया। वाहन चोरी के मामलों में भी हांसी पुलिस ने उनके नेतृत्व में काफी सफलताएं हासिल की हैं। पूरी शिद्दत के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वाह कर रही एसपी नितिका गहलोत महिला सशक्तिकरण के मामले में क्षेत्र में चर्चित नाम बन चुकी हैं। एसपी की काम के प्रति लग्न को देखकर क्षेत्र की महिलाओं को प्रेरणा मिल रही हैं। हालांकि इस बारे में जब स्वयं एसपी से पूछा जाता है तो उनका सीधा सा जवाब होता है कि वह अपनी सामान्य ड्यूटी का निर्वाह करती हैं। आईपीएस अधिकारी होते हुए भी वह बेहद सादगी के साथ रहती हैं और कर्मचारियों के साथ बेहद सलीखे से पेश आती है।