अब सीबीआई ने तेजस्वी यादव को भेजा समन, क्या लालू यादव ने ही परिवार को फंसा दिया?

पटना: नौकरी के बदले जमीन मामले में ED टीम की छापेमारी में लालू प्रसाद यादव के परिजनों के घर से लाखों रुपये कैश और जेवरात बरामद किए गए हैं। बताया जाता है कि लालू के परिजनों के घर से 53 लाख रुपये कैश, अमेरिकी डॉलर, 540 ग्राम सोने के सिक्के, डेढ़ किलो सोने के गहने भी मिले हैं। परिवार का और 30 किलो से अधिक सोने के जेवरात और 900 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए गए हैं। लालू के करीबी और उनके परिजनों के घर ईडी की छापेमारी पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। मामले में ईडी की छापेमारी पर लालू प्रसाद यादव और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाया है।जमीन के बदले नौकरी मामले में अब तेजस्वी यादव से होगी पूछताछमिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने अब नौकरी के बदले जमीन मामले में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को समन भेजा है। बताया जाता है कि फिर भी जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए इस समन में तेजस्वी यादव से जमीन के बदले नौकरी मामले में पूछताछ की बात कही गई है। आपको बता दें कि इसी मामले में 15 मार्च को लालू प्रसाद यादव रावड़ी देवी उनकी दो बेटियों समेत 16 आरोपियों को अदालत में पेश होना है। आपको यह भी बता दें कि जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई की टीम राबड़ी देवी और लालू यादव से पूछताछ कर चुकी है।CBI और ED की कार्रवाई पर ललन सिंह और RJD प्रमुख के एक सुरजमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने के मामले में सीबीआई और ईडी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इस छापेमारी में लालू प्रसाद यादव के परिवार समेत नौकरी लेने वाले और मामले में जो भी आरोपित हैं उन पर लगातार ईडी और सीबीआई की दबिश जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही इस छापेमारी पर अब राजनीति भी शुरू हो चुकी है। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इसे केंद्र सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विरोधियों को परेशान करना बताया है। वहीं लालू प्रसाद यादव ने भी ट्वीट कर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।ट्वीट में लालू प्रसाद यादव ने क्या लिखाED की कार्रवाई के बाद लालू यादव ने लिखा कि हमने आपातकाल का काला दौर भी देखा है। हमने वह लड़ाई भी लड़ी थी। आधारहीन प्रतिशोधात्मक मामलों में आज मेरी बेटियों, नन्हें-मुन्ने नातियों और गर्भवती पुत्रवधु को भाजपाई ED ने 15 घंटों से बैठा रखा है। क्या इतने निम्नस्तर पर उतर कर बीजेपी हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगी?संघ और भाजपा के विरुद्ध मेरी वैचारिक लड़ाई रही है और रहेगी। इनके समक्ष मैंने कभी भी घुटने नहीं टेके हैं और मेरे परिवार एवं पार्टी का कोई भी व्यक्ति आपकी राजनीति के समक्ष नतमस्तक नहीं होगा। ललन सिंह ने भी ट्वीट कर लालू की बात का किया समर्थनजदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि नौकरी के बदले जमीन मामले में सीबीआई दो बार जांच कर साक्ष्य नहीं जुटा पाई। लेकिन 9 अगस्त 2022 के बाद अचानक दिव्यशक्ति से उनको साक्ष्य मिलने लग गया और माननीय लालू प्रसाद जी एवं उनके परिजनों के यहां भारी छापेमारी हुई, खोदा पहाड़ निकली चुहिया। ललन सिंह ने आगे लिखा कि अरे भाई…! साक्ष्य नहीं भी मिलता तो साक्ष्य दिखाने के लिए पालतू तोतें कुछ भी कर सकते हैं। गाय का सींग भैंस में और भैंस का सींग गाय में जोड़ रहे हैं। अखबार कहता है- ‘एके इंफोसिस्टम के कारण छापा डाला गया है’… जिसका नौकरी से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन खैर पालतू तोतें अपने मालिक का निर्देश पाकर कुछ भी कर सकते हैं, अघोषित आपातकाल जो है। गर्भवती महिला और छोटे-छोटे बच्चों के साथ इस तरह का निर्मम आचरण देश में पहली बार हुआ है, देश इसको याद रखेगा। दमन चाहे जितना कर लें, 2024 में देश भाजपा मुक्त होगा।लालू यादव ने खुद ही अपने परिवार को फसाया : सुशील मोदीबिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी का कहना है कि CBI उर ED अपना काम कर रही है। सुशील मोदी ने कहा, लालू प्रसाद ने विधायक, सांसद, मंत्री, एमएलसी बनावाने के बदले कीमती जमीनें परिवार के सदस्यों के नाम से लीं और खुद ही पूरे परिवार को फँसा दिया। उन्हें किसी दूसरे ने नहीं फँसाया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई होने पर बार-बार लालू परिवार को फँसाने का जो झूठा प्रचार किया जाता है। उसमें कोई दम होता तो लालू प्रसाद चारा घोटाला के सभी पांच मामलों में अदालत से दोषी नहीं पाये जाते। सुशील मोदी ने यह भी कहा कि लालू प्रसाद ने सत्ता में रहते हुए यही बस एक ही मंत्र अपनाया ‘तुम मुझे जमीन दो, मैं तुम्हें नौकरी दूँगा’। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हर काम के लिए जमीन लेते हुए गरीब परिवार में जन्मे लालू प्रसाद सबसे बड़े जमींदार बन गए। उनके पास पटना में 1 लाख वर्ग फुट से ज्यादा कीमती जमीन है। भ्रष्टचार से समझौता कर लालू परिवार को बचा रहे नीतीश कुमार सुशील मोदी का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम बनने के अपने महत्वांकाक्षी सपने के दबाव में भ्रष्टचार से समझौता कर लिया। अब नीतीश कुमार चारा घोटाला से लेकर ‘जमीन के बदले नौकरी घोटाले’ तक में संलिप्त लालू परिवार को बचाने में लगे हैं। सुशील मोदी ने यह भी कहा कि 2008 में लालू प्रसाद के विरुद्ध भ्रष्टचार के मामलों की जांच के लिए दिवंगत शरद यादव और ललन सिंह ने पहल की थी। जेडीयू ने सारे दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध कराये और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन भी दिया था। आज यही लोग लालू प्रसाद पर कार्रवाई रोकने के लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं। विपक्ष से सुशील कुमार मोदी ने पूछा सवालसुशील कुमार मोदी ने पीएम को चिट्ठी लिखने वाले विपक्षी दलों से पूछा है कि वह बताएं कि बिना नौकरी और कोई काम किए तेजस्वी के पास करोड़ों की जायदाद कैसे बन गई। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को भी बताना चाहिए कि वे दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कालोनी में अरबो रुपये के चार मंजिला मकान के मालिक कैसे बन गए? उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने इंटरमीडिएट तक भी पढाई नहीं की, क्रिकेट में विफल रहे , लेकिन बिना कोई उद्योग-व्यापार किये मात्र 29 साल की उम्र में वे 52 सम्पत्तियों के मालिक कैसे बन गए? क्या इसकी जाँच नहीं होनी चाहिए ? सुशील मोदी ने यह भी कहा कि विपक्ष को बताना चाहिए कि क्या आरजेडी के पूर्व विधायक अबु दोजाना वही नही हैं, जो पटना में तेजस्वी यादव का 750 करोड़ का मॉल बनवा रहे थे।