चीन ही नहीं, अमेरिका की ‘मिसाल’ दे जयशंकर ने कनाडा को भी सुना दी खरी-खरी, पढ़िए Exclusive इंटरव्यू में क्या-क्या कहा

नई दिल्ली: एस जयशंकर ने अमेरिका की मिसाल देकर एक बार फिर से कनाडा को खरी-खरी सुना दी। एक इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री ने खालिस्तानी अलगाववादियों की हत्या की साजिश में भारतीय अधिकारियों के कथित हाथ होने के आरोप के खिलाफ अमेरिका और कनाडाई मामलों के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए कहा कि कनाडा के तरह अमेरिका आजादी के नाम पर अलगाववाद, आतंकवाद और उग्रवाद को उचित नहीं ठहराता है।भारत और अमेरिका को लेकर क्या बोले विदेश मंत्री?विदेश मंत्री अपनी नई किताब ‘व्हाई भारत मैटर्स’ को लेकर TOI के साथ बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मजबूत ताकतों और दुनिया के साथ भारत के संबंधों को प्रांसगिक बनाने के लिए रामायण का उपयोग किया। विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने जानकारी के साथ अपने दावे का समर्थन किया है, जबकि इस बात पर जोर दिया गया है कि पिछले 45 साल में संबंधों पर बारीकी से नजर रखने के कारण अमेरिकी अब भारत की चिंताओं की पहले से कहीं ज्यादा सराहना कर रहे हैं।’चीन के मुद्दे पर भारत की रणनीति’जयशंकर चीन के साथ भारत की नीति को लेकर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत के लिए इस महत्वपूर्ण मामले पर दृढ़ता और धैर्य दिखाना जरूरी है। क्यों कि यह मुद्दा सीमा मुद्दे से परे है कि भारत को एक ‘रणनीतिक इकाई’ के रूप में कैसे माना जाता था।