हिमाचल कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा का आरोप, गैर जमानती वारंट जारी

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद सरकार तो बन गई लेकिन कांग्रेस के विधायकों पर संकट मंडराना शुरू हो गया है। शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। राजस्थान की एक अदालत ने विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस उनकी पत्नी सुदर्शना ने दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह की पत्नी सुदर्शना चंडावत ने पति और परिजनों पर उदयपुर (राजस्थान) कोर्ट में घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। 17 अक्तूबर 2022 को यह शिकायत दी गई थी। 17 नवंबर 2022 को पहली सुनवाई में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उदयपुर की अदालत ने विक्रमादित्य सिंह, सास प्रतिभा सिंह, ननद अपराजिता, ननदोई अंगद सिंह और चंडीगढ़ की एक युवती को गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। सभी प्रतिवादियों को उदयपुर कोर्ट में आज पेश होने के आदेश दिए गए हैं।

विक्रमादित्य सिंह का राजनीतिक सफर
विक्रमादित्य का राजनीतिक सफर 2013 में शुरू हुआ। इस साल वह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस कमेटी से जुड़े और उन्हें युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। 2017 तक विक्रमादित्य इस पद पर रहे। विक्रमादित्य के पिता वीरभद्र सिंह 6 बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 2021 में उनके निधन के बाद विक्रमादित्य को राजा बनाया गया। विक्रमादित्य सिंह की मां रानी प्रतिभा सिंह हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। इस साल मंडी लोकसभा उपचुनाव में वीरभद्र की पत्नी और रानी प्रतिभा सिंह ने बीजेपी को हराया था।