शब्दों से न्याय नहीं… सरेआम फांसी दो, दिल्ली में एसिड अटैक पर आगबबूला हुए गौतम गंभीर

नई दिल्ली: दिल्ली में एक स्कूली छात्रा पर एसिड अटैक की घटना से कई सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली के द्वारका मोड़ के पास बुधवार सुबह एक नाबालिग छात्रा पर तेजाब फेंका गया। यह घटना उस वक्त हुई जब वह अपनी छोटी बहन के साथ जा रही थी। बाइक पर अचानक दो लड़के आए और तेजाब फेंककर फरार हो गए। घायल पीड़िता का इलाज सफदरजंग अस्‍पताल में चल रहा है। वहीं इस घटना पर लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। पूर्व क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद ने कहा कि ऐसे लोगों को सार्वजनिक तौर पर फांसी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डर पैदा करना होगा।

गौतम गंभीर ने छात्रा पर एसिड फेंकने वाले व्यक्तियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की मांग की। गौतम गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि शब्द कोई न्याय नहीं कर सकते। हमें इन जानवरों में बेहिसाब दर्द का डर पैदा करना होगा। द्वारका में स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंकने वाले लड़कों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए।

डीसीपी द्वारका, एम हर्षवर्धन ने बताया कि 17 साल की लड़की पर एसिड अटैक के तीनों आरोपी पुलिस ने पकड़ लिए हैं। पीड़‍िता का इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा कि उसे सुबह करीब 9 बजे पीसीआर पर घटना की सूचना मिली। पीड़‍िता की बहन ने दो परिचितों पर शक जताया था। DCW चीफ स्‍वाति मालीवाल ने भी ट्वीट कर कहा कि पीड़‍िता की मदद के लिए एक टीम अस्‍पताल भेजी गई।

स्वाति मालीवाल ने तेजाब हमले को लेकर कहा कि प्रतिबंध के बावजूद तेजाब, सब्जी की तरह खरीदारी के लिए उपलब्ध है। ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में मालीवाल ने कहा कि तेजाब की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए आयोग अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।