नीतीश-नीतीश करते रहे JDU नेता और ‘बड़के भैया’ के बेटे को मिल गया आशीर्वाद, क्या है CM का बिहार प्लान?

पटना: मेरे बारे में इतना मत सोचना, मैं दिल में आता हूं… समझ में नहीं! सलमान खान ( Salman Khan ) का यह डायलॉग तो आपको याद ही होगा। हालांकि बिहार की सियासत में ठीक उलट है। खासकर नीतीश कुमार ( ( Nitish Kumar ) पर तो लागू ही नहीं होता। नीतीश कुमार का बयान न तो दिल में आता है, न समझ में, इसलिए ज्यादा उनके बयानों के बार में सोचने की जरूरत ही नहीं है। नीतीश कुमार के एक-एक बयान के कई मतलब होते हैं। मतलब निकालते रहिए, लास्ट तक समझ में नहीं आएगा कि नीतीश कुमार कहना क्या चाहते हैं और भविष्य में वो करेंगे क्या। दरअसल, बिहार में मिशन 24 के साथ-साथ 2025 को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। खासकर नीतीश कुमार के एक बयान ने पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को हैरान कर दिया। हालांकि नीतीश कुमार के बयान से आरजेडी के नेता खुश तो हैं, लेकिन जेडीयू के नेता परेशान जरूर होंगे! बड़े नेता हों या छोटे, अभी तक वे नीतीश-नीतीश कर रहे थे। नीतीश कुमार के पास मौका था, अपने दल के छोटे और युवा नेताओं को आगे करने का, लेकिन नीतीश कुमार बड़के भैया लालू यादव ( Lalu Yadav ) के छोटका बेटा पर ही भरोसा किया और आशीर्वाद दे दिया। महागठबंधन के नेताओं की मौजूदगी में ऐलान कर दिया कि 2025 का चुनाव ( Bihar Assembly Election ) तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। एक तरह से कहा जाए तो नीतीश कुमार इशारों ही इशारों में बता दिया कि अगर 2025 में महागठबंधन की सरकार बनती है तो तेजस्वी यादव ( Tejashwi Yadav ) ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक बार फिर इस बात का संकेत दिया कि वह प्रदेश की कमान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं। महागठबंधन के विधायकों की हुई बैठक में नीतीश कुमार ने इस बात का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2025 का विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि वह 2024 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। हालंकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि एकजुट विपक्ष 2024 में बीजेपी को हरा सकता है।

2025 का चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा

CPI ML विधायक दल के नेता महबूब आलम ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह भविष्य के नेता हैं, जिनके नेतृत्व में 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा विचार है कि इससे महागठबंधन को लाभ होगा। सीएम नीतीश ने कहा कि तेजस्वी यादव एक युवा और ऊर्जावान नेता हैं। गौरतलब है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनावों में महागठबंधन का नेतृत्व किया था। उस चुनाव में एनडीए को बड़ी मुश्किल से जीत मिली थी। उस वक्त नीतीश कुमार भी बीजेपी के साथ थे।

जो नालंदा में कहा वही पटना में भी बोले

वहीं, नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी और बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कुछ समय से कहते आ रहे हैं कि भविष्य तेजस्वी यादव और उनके जैसे युवाओं का है। उन्होंने ऐसा सोमवार को नालंदा में भी कहा था, जहां मैं मौजूद था। उन्होंने आज फिर इसे दोहराया। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने गृह जिले में एक डेंटल कॉलेज का उद्घाटन किया था और लोगों को संबोधित किया था तथा तेजस्वी यादव का समर्थन करने के बारे में बात की थी। विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री के इसी भाषण का हवाला दे रहे थे।

नीतीश बोले- समझ गए न

वहीं, इस बाबत नीतीश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बहुत कुछ कहा तो तो नहीं, लेकिन तेजस्वी यादव के कंधे पर हाथ रखकर इतना जरूर कहा ‘समझ गए न’। इधर तेजस्वी यादव से मुख्यमंत्री के बयान को लेकर पूछा गया तो उन्होंने संयम दिखाते हुए कहा कि वर्तमान में, हम एक साथ सरकार चला रहे हैं। हमें अपने सामने प्रमुख चुनौती पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, और वह 2024 का लोकसभा चुनाव है। हालांकि बाद में तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार जी हमारे अभिभावक हैं, उनके बयान पर कुछ नहीं कहेंगे।

जेडीयू में हो जाएगा विद्रोह

दूसरी तरफ, बीजेपी का कहना है कि नीतीश कुमार अगर किसी को अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते हैं, तो उन्हें वास्तव में सत्ता सौंपने का नैतिक साहस दिखाना चाहिए। बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। नीतीश कुमार को पता है कि जेडीयू में विद्रोह हो जाएगा। तेजस्वी के रिमोट कंट्रोल से शो (सरकार) चलाने से उनकी पार्टी के लोग पहले से ही खफा हैं। पूर्व मंत्री जिबेश कुमार ने कहा कि जीतन राम मांझी का हवाला देते हुए कहा कि नीतीश कुमार ऐसे व्यक्ति हैं, जो सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं। वह केवल तेजस्वी को धोखा दे रहे हैं और कुछ नहीं हैं।

नीतीश कुमार को ‘अपनों’ पर नहीं है भरोसा!

अब सवाल उठता है कि नीतीश कुमार जब से बीजेपी छोड़कर महागठबंधन के साथ गए हैं, तब से कई मौकों पर कह चुके हैं कि तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाना है। हालांकि उन्होने एक बार भी जेडीयू कार्यकर्ता या नेताओं के बारे में इस तरह का बयान नहीं दिया। जबकि जेडीयू के हर कार्यकर्ता और नेता सिर्फ नीतीश-नीतीश करते रहते हैं, लेकिन नीतीश कुमार हैं कि अपनों को छोड़ बड़के भैया के बेटे को ही आशीर्वाद दे रहे हैं। ऐसे में ये समझना मुश्किल हो रहा है कि नीतीश कुमार कौन सी राजनीति कर रहे हैं। तेजस्वी यादव की बात कर कौन सी सियासी चाल चल रहे हैं।