बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार ने पेश किया बजट, रोजगार के साथ किसानों, महिलाओं के कल्याण पर विशेष जोर

बिहार में महागठबंधन की नीतीश कुमार सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक बजट पेश किया। वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा पेश बजट में 2 लाख 61 हजार 885 करोड रुपये से ज्यादा की राशि रखी गई है, जिसमें रोजगार, किसानों और महिलाओं के कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में बजट पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा है। विकास दर में बिहार लगातार प्रगति कर रहा है।बजट भाषण की शुरूआत में वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के बिना देश के अपेक्षित विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि इस बजट में न्याय के साथ विकास को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज उपलब्ध संसाधनों के सही उपयोग कर हम आगे बढ़ रहे हैं, अगर बिहार को विशेष सहायता या विशेष राज्य का दर्जा मिल जाए तो हम तेजी के साथ आगे बढ़ सकते हैं।(2/2)PMCH के विस्तार के लिए 5540 करोड़ रुपये किए गए आवंटित। 21 सदर अस्पतालों को बनाया जाएगा मॉडल अस्पताल 9 जिलों में बन रहे हैं मेडिकल कॉलेज।BPSC के जरिए भरी जाएंगी 49 हजार खाली सीटें।10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार।#Budget #BiharBudget #Budget2023-24 #NitishKumar pic.twitter.com/VVp17wlERo— Janata Dal (United) (@Jduonline) February 28, 2023

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार की कई योजनाओं को आज केंद्र सरकार भी लागू कर रही है। उन्होंने कई योजनाओं का इस दौरान जिक्र भी किया। उन्होंने बजट भाषण में कहा कि बिहार में जाति आधारित जनगणना की शुरूआत हो चुकी है और इसके इस साल मई तक पूरा होने की भी संभावना है। इससे सरकारी योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।विजय चौधरी ने महिला सशक्तिकरण के किए जा रहे प्रयासों को जिक्र करते हुए कहा कि जीविका योजना के तहत महिलाओं को सामाजिक स्तर पर सशक्त किया जा रहा है। बिहार में जीविका के 10.45 लाख स्वयं सहायता समूह बने हैं। 62 अस्पतलों में दीदी की रसोई का संचालन समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में नारी शक्ति योजना के तहत इस बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में युवा शक्ति भविष्य का आधार है जिसके तहत सरकार ने 10 लाख लोगों को रोजगार देने की घोषणा की है। इसके लिए सरकार सरकारी नौकरी के लिए स्वाबलंबी बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके लिए जहां विभिन्न विभागों में पदों का सृजन किया जा रहा है, वहीं कौशल विकास के साथ पूंजी की समुचित व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।उन्होंने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग को 49 हजार, कर्मचारी चयन आयोग को 2900 पदों की अधियाचना भेजी जा चुकी है। बिहार पुलिस में 75,543 और 90 हजार शिक्षकों में से 42 हजार की नियुक्ति हुई है। स्वरोजगार के लिए अनुदान और ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा नवाचार के साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी दी गई है।वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का स्वास्थ्य पर विशेष जोर है। 21 सदर अस्पतालों को मॉडल बनाने के लिए राशि स्वीकृत की गई है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को को विश्वस्तरीय बनाना का काम हो रहा है, जिसके लिए 5540 करोड़ की योजना की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के 243 विधानसभा क्षेत्रों में 1-1 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव इस बजट में किया गया है। तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को अब गुजारे के लिए 10 की बजाए 25 हजार का प्रस्ताव भी बिहार सरकार ने इस बजट में किया है।वित्त मंत्री ने कहा कि सात निश्चय पार्ट दो की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य के किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के लिए कार्य किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि हर खेत में पानी पहुंचाने की योजना के लिए 550 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी तथा हर खेत में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।