‘न हां हुई न ना’, पायलट बोले अधर में लटका हुआ है मामला, निशाने पर क्यों हैं CM के 3 खास?

जयपुर: पूर्व डिप्टी सीएम अब खुलकर बात कर रहे हैं। सोमवार को एक चैनल पर दिए इंटरव्यू में वो भले ही गद्दार, पार्टी में कोरोना जैसे बयानों पर संतुलित बयान देते दिखे। लेकिन दूसरे कई मुद्दों पर उनके विचार कांग्रेस में खलबली मचाने वाले हैं। उन्हाेंने 25 सितंबर को हुए घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस आलाकमान को कटघरे में खड़ा करते हुए बड़ा सवाल किया है। उन्होंने कहा कि 6 माह बीत जाने के बाद भी अब तक इस घटनाक्रम को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जो आश्चर्य का विषय है। जबकि पार्टी आलाकमान के निर्देश पर ही 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक होनी थी। लेकिन कुछ लोग पार्टी आलाकमान के निर्णय विरुद्ध गए। इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ। जो सोचने का विषय है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में इस पूरे मामले को लेकर सचिन पायलट की कुंठा साफ नजर आई। वहीं इस मामले में पायलट का यह बयान प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से अशोक गहलोत पर हमले के रूप में देखा जा रहा है। सारा मामला अधर में झूल रहा- पायलटउन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान उन लोगों को तीन-तीन बार नोटिस दे चुकी है। लेकिन समझ में नहीं आता हैं। अभी तक इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ नेताओं को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। जबकि इस मामले में हाईकमान ने ही इन लोगों को दोषी माना है। जब ही तो पार्टी ने इन लोगों को नोटिस जारी किया है। लेकिन अब तक यह समझ नहीं आ रहा है, कि इस मामले में हां हो रही है, या ना। सारा मामला अधर में झूल रहा है। पार्टी को इस ओर ध्यान देना चाहिए। आलाकमान को क्या शिकायत करें, अभी तक कुछ भी तो नहीं हुआ जब पायलट से सवाल किया कि दिग्विजय सिंह ने कहा कि पायलट को यदि समस्या है तो, वे अनुशासन समिति में जाकर अपनी बात रखें। इस बात पर पायलट ने व्यंग हंसी करते हुए कहा कि 6 माह बाद भी अभी तक नोटिसों का कुछ भी नहीं हुआ। वो भी तो पार्टी की अवहेलना थी। जबकि सोनिया गांधी के निर्देश पर ही पर्यवेक्षक विधायक दल की बैठक लेने के लिए जयपुर आए थे। लेकिन आज तक विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई है। इसको लेकर पार्टी को गंभीरता से विचार करना चाहिए। पायलट ने सीपी जोशी को भी लिया लपेटे में इस दौरान पायलट ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि जब विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपने इस्तीफे सौंपे तो, उन्हें स्वीकार करने की जगह खुद बचाव करते नजर आए। विधानसभा अध्यक्ष खुद शपथपत्र देते हैं कि मैंने इस्तीफा इसलिए स्वीकार नहीं किया कि सभी विधायकों ने इस्तीफे अपनी इच्छा से नहीं दिए थे। इस पर पायलट ने सीपी जोशी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विधायकों ने अपनी इच्छा से इस्तीफे नहीं दिए तो, फिर किसके दबाव या प्रलोभन में आकर इस्तीफे दिए। इस मामले की कांग्रेस पार्टी को जांच करनी चाहिए। गहलोत के मास्टर स्ट्रोक पर बोला हमला जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राजस्थान में 19 नए जिले बनाने को लेकर इसे मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है। वही पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि जब तक वोट के निशान पर अंगुली नहीं दबाई जाएं। तब तक कोई मतलब नहीं है। जय जयकार करना और लोगों का समर्थन मिलना एक अलग बात है। लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरा उतर कर जनता का समर्थन वोट के रूप में हासिल करना ही जनता का सही आशीर्वाद और समर्थन है। बाकी अन्य चीजों का कोई मतलब नहीं है। पायलट ने कहा आवश्यक कदम नहीं उठाए सरकार ने पायलट ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के रिपीट होने को लेकर आशंका जताई है। पायलट ने कहा कि सरकार रिपीट करवाने के लिए हमें जनता की उम्मीदों पर पूरा खरा उतरना चाहिए। उन्हें लगता है कि सरकार को, जो आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वे नहीं उठाए गए हैं। यदि कांग्रेस को वापस रिपीट होना है, तो जो कदम उठाने हैं। वे उठाने नहीं चाहिए। मैं किसी जादूगर से परेशान नहीं हूं पायलट से सवाल किया गया कि उनको राजस्थान के जादूगर ने परेशान कर रखा है। इस पर कटाक्ष करते हुए पायलट ने कहा कि सबसे बड़ा जादूगर नीली छतरी वाला है और मैं किसी अन्य जादूगर से न तो मैं परेशान हूं। और नहीं ही कभी होता हूं। मेरी सोच है। नेताओं को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए।