डंडा के बजाय डेटा से काम करने की जरूरत… DGP-IGP की बैठक में पीएम मोदी ने पुलिस अधिकारियों से क्या कहा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम जयपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में शामिल हुए। अधिकारियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने महिला सुरक्षा पर महत्वपूर्ण बात कही। मोदी ने कहा कि महिला सुरक्षा पर ध्यान दें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे कभी भी और कहीं भी निडर होकर काम कर सकें। पीएम ने इसके अलावा नए क्रिमिनल लॉ की भी महत्वता को समझाया। उन्होंने पुलिस को सलाह देते हुए कहा कि डंडा की बजाय डेटा का इस्तेमाल जरूरी है। यही नहीं मोदी ने भारत के पहले सौर मिशन की सफलता और समुद्री लुटेरों के चंगुल से 15 भारतीयों को छुड़ाने वाले बहादुर नौसैनिकों की भी तारीफ की। सम्मेलन में किन मुद्दों पर बोले पीएम मोदी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में आयोजित इस खास सम्मेलन में कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय पुलिस को एक आधुनिक और विश्व स्तरीय पुलिस बल में बदलना चाहिए। नए आपराधिक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि नए बड़े आपराधिक कानूनों का लागू होना आपराधिक न्याय प्रणाली में एक बड़ा बदलाव था। नए आपराधिक कानूनों को ‘नागरिक प्रथम, गरिमा प्रथम और न्याय प्रथम’ की भावना के साथ बनाया गया था। प्रधानमंत्री ने पुलिस को महिला सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की भी बात की। मोदी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि महिलाएं निर्भय होकर ‘कभी भी और कहीं भी’ काम कर सकें। पुलिस थानों को नागरिकों के लाभ के लिए सकारात्मक जानकारी और संदेशों के प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए आपराधिक कानून नागरिक पहले, सम्मान पहले और न्याय पहले के विचार से बनाए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब पुलिस को डंडा के बजाय डेटा के साथ काम करने की जरूरत है। इसका मतलब, पहले अपराधियों को पकड़ने के लिए मुख्य रूप से बल का इस्तेमाल होता था, अब तकनीक और जानकारी का इस्तेमाल ज्यादा होना चाहिए। इस तरह, अपराधियों को पकड़ने और मामलों को सुलझाने में ज्यादा सटीकता और न्यायपूर्ण तरीका अपनाया जा सकेगा। साथ ही, आम लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।सौर मिशन की सफलता का जिक्र पीएम मोदी ने पहले सौर मिशन आदित्य एल1 मिशन की सफलता पर कहा कि भारत की आदित्य-एल1 धरती से 15 लाख किलोमीटर की दूरी तय करके अपने लक्ष्य पर निर्धारित समय पर पहुंच चुकी है…यह वो स्थान है जहां आदित्य एल1 के सामने सिर्फ सूरज होगा और आदित्य-एल1 पर चंद्रमा या पृथ्वी की परछाई कभी नहीं पड़ेगी… चंद्रयान की ऐतिहासिक सफलता की तरह यह भारत के सामर्थ्य का और भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य का एक और शानदार प्रदर्शन है। समुद्री लुटेरों से बचाने वाली इंडियन नेवी को सलाम पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय नौसेना ने दो दिन पहले एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। अरब सागर में आगे बढ़ रहे एक व्यापारिक जहाज से जैसे ही संकट में होने का संदेश मिला भारतीय नौसेना और मरीन कमांडो तुरंत हरकत में आ गए। इस जहाज पर 21 लोग सवार थे और भारतीय नौसेना ने उन सभी को संकट से बाहर निकाला।