नरेंद्र हिरवानी : सनसनीखेज शुरुआत के बावजूद परवान नहीं चढ़ सका क्रिकेट कॅरियर

भारतीय क्रिकेट के एक लेग स्पिनर ने अपनी फिरकी से काफी उम्मीदें जगाई थीं लेकिन उन पर खरा नहीं उतर सका. इस खिलाड़ी का नाम है नरेंद्र हिरवानी. आज यानी 18 अक्टूबर को नरेंद्र हिरवानी का जन्मदिन है. हिरवानी का जन्म यूं तो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था लेकिन उन्होंने क्रिकेट इंदौर में संजय जगदाले के मार्गदर्शन में सीखा. हिरवानी ने नीली जर्सी भी पहनी और रिकॉर्ड भी बनाए लेकिन अपने करियर में हासिल शुरुआती सफलता को लंबी पारी में नहीं बदल पाए.

यूं तो हिरवानी को उनके ऐतिहासिक डेब्यू के लिए याद किया जाता है. चेन्नई में 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था. इस मैच में हिरवानी ने कुल 16 विकेट अपने नाम किए थे. ये अभी तक किसी भी गेंदबाज द्वारा टेस्ट डेब्यू में किया गया सबसे अच्छा प्रदर्शन है. उन्होंने दोनों पारियों में आठ-आठ विकेट लिए थे. अभी तक उनका ये रिकॉर्ड कायम है.

लेकिन इसके अलावा भी हिरवानी के कुछ ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जिनके बारे में काफी कम लोगों को पता है. हिरवानी के नाम टेस्ट में बिना ब्रेक के सबसे ज्यादा ओवर फेंकने का रिकॉर्ड है. उन्होंने द ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ 1990 में खेले गए मैच में एक छोर से लगातार 59 ओवर फेंके थे. इस मैच में इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान हिरवानी ने लगातार 59 ओवर फेंके थे और 137 रन देकर एक विकेट लिया था.

अच्छी शुरुआत, लेकिन खराब अंत

वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार शुरुआत के बाद हिरवानी ने अपनी पहचान ऐसे खिलाड़ी के तौर पर बनाई थी जो अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को जमकर परेशान करने का दम रखता है. डेब्यू के बाद अगले तीन और मैचों में हिरवानी ने शानदार प्रदर्शन किया.

हिरवानी ने अपने शुरुआती चार टेस्ट मैचों में 36 विकेट लिए थे. लेकिन इसके बाद जब वह विदेशी दौरों पर गए तो उनका जादू नहीं चला और फिर यहां से हिरवानी का करियर ढलान की ओर आ गया. वह वनडे में भी कमाल नहीं कर सके.

ऐसा रहा करियर

हिरवानी ने 2006 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया और बाद में वह बीसीसीआई की चयनसमिति का हिस्सा रहे. हिरवानी ने अपने करियर में कुल 17 टेस्ट मैच खेले और 66 विकेट लिए. वनडे में उन्होंने 18 मैचों में 23 विकेट अपने नाम किए.