मुइज्‍जू आप पहले नेता हैं… चीनी राष्‍ट्रपति ने मालदीव के प्रेसिडेंट का किया रेड कॉर्पेट वेलकम, ‘झूठ’ से भारत को चिढ़ाया

बीजिंग: भारत के साथ तनाव भड़काकर चीन की यात्रा पर पहुंचे मालदीव के राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद मुइज्‍जू का बुधवार को बीजिंग कें चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने जोरदार स्‍वागत किया। जिनपिंग ने मुइज्‍जू से कहा कि आप इस साल पहले ऐसे विदेशी राष्‍ट्राध्‍यक्ष हैं जिसका मैंने स्‍वागत किया है। यही नहीं राष्‍ट्रपति बनने के बाद मुइज्‍जू यह आपकी भी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है। जिनपिंग ने कहा कि यह दर्शाता है कि मालदीव और चीन दोनों ही देश द्विपक्षीय रिश्‍तों के विकास को कितना ज्‍यादा महत्‍व देते हैं। मालदीव को कर्ज के भारी भरकम जाल में फंसाने वाले जिनपिंग ने दावा किया कि चीन ने पिछले 52 साल में मालदीव की मदद की है। चीन के राष्‍ट्रपति ने ऐतिहासिक ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में मोहम्‍मद मोइज्‍जू का रेड कार्पेट पर स्‍वागत किया। शी जिनपिंग ने कहा कि राजनयिक संबंध स्‍थाप‍ित होने के बाद पिछले 52 साल में दोनों ही देशों ने एक-दूसरे का सम्‍मान किया है और मदद की है। इसने अलग-अलग आकार के दोनों देशों के बीच समान व्यवहार, पारस्परिक सहायता और सहयोगी लाभ का एक उदाहरण स्थापित किया है। चीन के राष्‍ट्रपति भले ही दावा कर रहे हों कि मालदीव के राष्‍ट्रपति की यह पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है लेकिन सच यह है कि मुइज्‍जू राष्‍ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले तुर्की की विदेश यात्रा पर गए थे। चीन से क्‍यों गिड़गिड़ा रहे हैं मुइज्‍जूइसके बाद मोहम्‍मद मुइज्‍जू यूएई गए थे और अब वह चीन गए हैं। चीन उनका तीसरा विदेशी दौरा है। अब तक परंपरा रही थी कि मालदीव का कोई नया राष्‍ट्रपति अगर बनता था तो वह सबसे पहले पड़ोसी भारत आता था। लेकिन चीन की गोद में जा चुके मुइज्‍जू ने भारत न आकर चीन का रास्‍ता पकड़ा है। वहीं चीन की यात्रा पर मालदीव के राष्‍ट्रपति ने जिनपिंग सरकार से गुहार लगाई है कि वह ज्‍यादा से ज्‍यादा पर्यटक मालदीव भेजे ताकि वह भारत को पीछे करके शीर्ष स्‍थान पर आ सके। पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी करने के बाद मालदीव के खिलाफ भारत में जोरदार बायकाट अभियान चल रहा है। इससे मालदीव के टूर ऑपरेटर से लेकर विपक्षी दल भड़के हुए हैं। वे मोहम्‍मद मोइज्‍जू पर दबाव बना रहे हैं। इसी वजह से मुइज्‍जू चीन से ज्‍यादा पर्यटक भेजने की गुहार लगा रहे हैं। कोरोना से पहले चीन से सबसे ज्‍यादा पर्यटक मालदीव आते थे। इस बीच खुलासा हुआ है कि मालदीव सरकार ने नवंबर में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की नयी दिल्ली यात्रा का प्रस्ताव रखा था। लेकिन मुइज्जू मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी के अपने रुख पर कायम थे। मालदीव की नयी सरकार ने माले में भारतीय उच्चायोग को बताया था कि मुइज्जू भारत की यात्रा करना चाहते हैं, हालांकि इस मामले पर कोई प्रगति नहीं हुई। मुइज्‍जू ने भारत यात्रा का दिया था प्रस्‍ताव पर रखी थी शर्त पता चला है कि 17 नवंबर को मालदीव के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के कुछ दिन बाद मालदीव ने मुइज्जू की यात्रा का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव तब रखा गया था जब मुइज्जू ने मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी का आह्वान किया था। मामले से परिचित एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि मुइज्जू की यात्रा का प्रस्ताव मौखिक था। चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू ने राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा था कि वह भारतीय सैन्य कर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के चुनावी वादे को पूरा करेंगे। मुइज्जू के इस बयान के बाद भारत-मालदीव संबंधों में कुछ तनाव आ गया था।