मोदी ने दिल से की इतनी तारीफ, फिर खरगे ने क्यों किया ‘रावण’ वाला तंज?

नई दिल्‍ली: बात बहुत पुरानी नहीं है। 16वीं लोकसभा का आखिरी दिन था। () ने मल्लिकार्जुन खरगे की जमकर तारीफ की थी। अपने भाषण के दौरान पीएम ने कहा था कि उनके भाषणों को जो खाद-पानी मिला, उसमें खरगे की काफी भूमिका थी। उनकी विचार-चेतना को जगाने में खरगे की बातें बहुत काम आती थीं। जब खरगे कांग्रेस अध्‍यक्ष बने तो भी पीएम मोदी ने नई जिम्‍मेदारी के लिए उन्‍हें शुभकामनाएं दीं। फिर खरगे कैसे भटक गए। गुजरात चुनाव से पहले पीएम के लिए उनका ‘रावण’ वाला बयान () बवाल का कारण बन गया है। इसने सियासी पारा गरमा दिया है। गुजरात विधानसभा चुनाव () प्रचार के दौरान मोदी के बारे में ‘रावण’ वाले बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे हर गुजराती का अपमान करार दिया है। गुजरातियों से इसे जोड़कर लोकतांत्रिक तरीके से इसका बदला लेने की अपील की है। कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। पार्टी ने कहा है कि खरगे पर बीजेपी का हमला उसकी दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

क्‍या बोले थे खरगे?
अहमदाबाद के बेहरामपुरा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने सोमवार को तंज कसा था। नगर निकाय, नगर निगम और विधानसभा तक के चुनाव में पीएम मोदी के नाम पर वोट मांगे जाने को लेकर उन्‍होंने यह तंज किया था। खरगे बोले थे, ‘क्या मोदी यहां आकर नगरपालिका का काम करने वाले हैं? क्या मोदी आकर यहां मुसीबत में आपकी मदद करने वाले हैं? अरे, आप तो प्रधानमंत्री हो। आपको काम दिया गया है। वह काम करो।’

खरगे ने कहा था, ‘वह छोड़ नगर निगम चुनाव, एमएलए इलेक्शन, एमपी इलेक्शन… चूंकि उनको प्रधानमंत्री बनना है, तो फिरते रहते हैं। लेकिन हर वक्त अपनी ही बात करते हैं। आप किसी को मत देखो, मोदी को देखकर वोट दो। भाई तुम्हारी सूरत को कितनी बार देखना। नगर निगम में भी तुम्हारी सूरत देखना, एमएलए इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत देखना… एमपी इलेक्शन में भी तुम्हारी सूरत…हर जगह… कितने हैं भाई… क्या आपके रावण के जैसा सौ मुख हैं। क्या है?…समझ में नहीं आता मुझे।’

बीजेपी हुई हमलावर
बस बवाल यही से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट करके कहा कि किसी भी विकास के एजेंडे और लोगों के समर्थन के बिना कांग्रेस गुजरात और गुजरातियों को गाली देने पर उतारू है। प्रधानमंत्री के खिलाफ खरगे का बयान गुजरातियों के प्रति उनकी नफरत का प्रमाण है। गुजरात के लोग इस बार भी उन्हें इस तरह के व्यवहार के लिए खारिज कर देंगे।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा बोले प्रधानमंत्री के लिए इस प्रकार की भाषा का इस्‍तेमाल गुजराती सपूत के लिए करना उचित नहीं है। यह निंदनीय है। यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
पात्रा ने दावा किया कि खरगे ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर पीएम के खिलाफ इस शब्द का इस्तेमाल किया। गांधी परिवार पीएम मोदी से नफरत करता है। इसलिए सोनिया गांधी ने उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा था। अन्य कांग्रेसी नेताओं ने लगातार उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

कांग्रेस का पलटवार
इसके उलट कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने मल्लिकार्जुन खरगे को ‘फ्रिंज’ (अराजक) कहकर दलित विरोधी विष उगला है। यह बीजेपी की मानसिकता को दिखाता है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मालवीय के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी इस तथ्य को पचा क्यों नहीं पा रही है कि एक दलित कांग्रेस का निर्वाचित अध्यक्ष बन गया?

एक अन्य प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘आपके पास यह दुस्साहस है कि एक वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले और पिछले 55 वर्षों से चुनाव जीत रहे व्यक्ति को ‘फ्रिंज’ कहा जाए। हमें कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर खरगे जी पर गर्व है। अब समय है कि आप लोग दलित विरोधी विषवमन बंद करिए। आपकी और फर्जी खबरें फैलाने वाली आपकी ब्रिगेड ‘फ्रिंज’ है।

बीजेपी शासित गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को मतदान होना है। प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार कर रहे हैं।