मोदी मेरे दुश्मन नहीं, उद्धव ठाकरे ने बदले सुर, क्या इंडिया में सब ठीक है?

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह पहले कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुश्मन नहीं थे और आज भी उनके दुश्मन नहीं हैं। ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने शिवसेना के साथ संबंध तोड़ने का फैसला किया। मोदी पर निशाना साधते हुए उद्धव ने कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया महाराष्ट्र यात्राएं इस बात की पड़ताल है कि यहां से गुजरात क्या ले जाया जा सकता है।ठाकरे ने कहा कि मैं मोदीजी को बताना चाहता हूं कि हम कभी भी आपके दुश्मन नहीं थे। आज भी हम दुश्मन नहीं हैं। हम आपके साथ थे। शिवसेना आपके साथ थी। हमने पिछली बार अपने गठबंधन के लिए प्रचार किया था। आप प्रधानमंत्री इसलिए बने क्योंकि विनायक राउत जैसे हमारे सांसद चुने गए। लेकिन बाद में आपने हमें खुद से दूर कर दिया। हमारा हिंदुत्व और भगवा ध्वज आज भी कायम है। लेकिन आज बीजेपी उस भगवा झंडे को फाड़ने की कोशिश कर रही है।बीजेपी से पुराने रिश्ते पर बातउद्धव ठाकरे कोंकण के दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने सावंतवाड़ी में एक सार्वजनिक रैली की, इसमें उन्होंने बीजेपी से पुराने रिश्ते पर बात की। पीएम मोदी को यह याद दिलाते हुए कि वह बीजेपी ही थी जिसने शिवसेना से नाता तोड़ लिया था, ठाकरे ने कहा कि किसी भी अन्य चुनाव के विपरीत आगामी 2024 का आम चुनाव अब तक का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव है। ठाकरे ने कहा कि हर साल हम गणतंत्र दिवस पर एक-दूसरे को बधाई देते हैं। मुझे डर है कि अगर सत्ता में बैठे ‘तानाशाह’ फिर से चुने गए तो अगला गणतंत्र दिवस हमारे सामने कभी नहीं आएगा।उद्धव की बगावती को चेतावनी दरअसल उद्धव उन लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं जहां उनकी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने की संभावना है। आगामी चुनावों से पहले अपने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए ठाकरे ने कहा कि जिन्होंने हमें परेशान किया है। उन्हें इतना कड़ा सबक सिखाया जाएगा कि अगली पीढ़ी को उनका नाम भी याद नहीं रहेगा। पीएम मोदी की यात्रा पर उद्धव को डर कैसा? ठाकरे ने मोदी की महाराष्ट्र यात्राओं को लेकर भी उन पर हमला बोला और कहा कि पीएम की पिछली कोंकण यात्रा के बाद सिंधुदुर्ग से एक पनडुब्बी परियोजना गुजरात चली गई थी। उन्होंने कहा कि वह (मोदी) अक्सर महाराष्ट्र आते रहे हैं। मुझे डर है कि वह जहां भी आएंगे, वहां से कुछ न कुछ गुजरात ले जाएंगे। उन्होंने पूछा कि क्या महाराष्ट्र को ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है।बीजेपी पर बोला हमला ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने दूसरों को अपनी पार्टी में लाने के चक्कर में अपनी पहचान खो दी है और उनकी पार्टी वहीं खड़ी है जहां पहले थी। उद्धव ने कहा कि आज मुसलमान हमारे साथ आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि हमारा हिंदुत्व धर्मों के भीतर आग लगाने के बारे में नहीं है। हमारा हिंदुत्व रसोई में चूल्हा जलाने के बारे में है जबकि आपका (बीजेपी का) हिंदुत्व घर जलाने के बारे में है। उद्धव का मोदी पर बयान के मायने पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए विपक्षी दल एकजुट हुए और इंडिया गठबंधन बनाया है। इस गठबंधन का अहम हिस्सा उद्धव ठाकरे का मोदी से नजदीकी वाला बयान बड़े इशारे कर रहा है। दरअसल पिछले कुछ समय से इंडिया गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन से चले जाने और ममता बनर्जी के बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान से विपक्षी एकता को झटका लगा है। वहीं अब उद्धव के पीएम मोदी से नजदीकी वाले बयान से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। क्या बीजेपी के साथ जा सकती है उद्धव सेना आगामी लोकसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीजेपी के साथ आने की संभावना कम ही है। उद्धव ठाकरे भले ही पीएम मोदी से नजदीकी का हवाला दे रहे हों लेकिन शिंदे के जरिए बीजेपी ने जो झटका दिया है, उससे उनका उबरना मुश्किल है। 2019 का लोकसभा का गणित कैसा?बात बीते 2019 के लोकसभा चुनाव की करें तो शिवेसना और बीजेपी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से बीजेपी ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे 23 सीटों पर विजय मिली थी। वहीं शिवसेना ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह 18 सीटें जीतने में सफल रही थी।