शीना बोरा की हड्डियां और अवशेष गायब, CBI का मुंबई की कोर्ट में खुलासा

मुंबई : सीबीआई की विशेष अदालत में शुक्रवार को एक गवाही के दौरान यह खुलासा हुआ कि शीना बोरा की हड्डियों और अवशेषों का पता नहीं चल पा रहा है। 2015 में जब शीना बोरा की हत्या का मामला सामने आया था, तब पेण पुलिस ने उस जगह से हड्डियां बरामद की थी, जहां बोरा का जला हुआ शव दफनाया गया था। इस प्रकरण में जेजे अस्पताल के फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉक्टर को गवाह के तौर पर बुलाया गया था। फोरेंसिक विशेषज्ञ ने तत्परता से इन हड्डियों की जांच की थी। 2012 में 24 वर्षीय शीना बोरा की हत्या का दावा किया गया था, लेकिन यह मामला तीन साल के बाद यानी 2015 में सामने आया था।’काफी खोजबीन के बावजूद नहीं मिलीं हड्डियां’गवाह से जिरह के बाद विशेष सरकारी वकील सी.जे नंदोडे ने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञ द्वारा जांच की गई शरीर की वे हड्डियां और अवशेष काफी खोजबीन के बावजूद नहीं मिल रहे हैं, जो 2015 में पुलिस ने बरामद की थीं। इन हड्डियों और अवशेष की तलाश के लिए सारे रेकॉर्ड खंगाले गए हैं, लेकिन हमें सफलता नहीं मिल पाई।बता दें कि शीना बोरा केस में इन लापता चीजों की सबूत के लिए काफी अहमियत है। ये चीजें आरोपों को साबित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि सरकारी वकील ने कहा कि इन चीजों की अनुपलब्धता के बावजूद अभियोजन पक्ष इस पहलू पर फोरेंसिक विशेषज्ञ का बयान दर्ज करने का इरादा रखता है। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।27 जून का अगली सुनवाईविशेष अदालत के जज ने इसे देखते हुए केस की सुनवाई को 27 जून तक के लिए स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि इस बहुचर्चित केस में शीना बोरा की मां इंद्राणी मुखर्जी मुख्य आरोपी है। इसके अलावा मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी और संजीव खन्ना का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल है। केस के तीनों आरोपी जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी को सबसे आखिर में गिरफ्तारी के सात साल बाद जमानत दी थी।