Janamashtami 2023 पर Mathura-Vrindavan के मंदिरों में होगी भारी भीड़, पिछले साल की तरह ना हो हादसा… सुरक्षा के किए गए व्यापक इंतजाम

उत्तर प्रदेश के मुथरा और वृंदावन में बृहस्पतिवार को धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने की तैयारी है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस मौके पर दूर दराज से भक्तों के मथुरा और वृंदावन में पहुंचने की संभावना है। जितना धूमधाम से पूरे देश में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है उससे कहीं अधिक धमाल उनके जन्मस्थान मथुरा और वृंदावन में इसकी धूम होती है। जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा वृंदावन में खास सजावट की गई है। वहीं यहां आने वाले भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी खास तैयारी की है। बीते वर्ष वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में मची भगदड़ के बाद इस वर्ष यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। भक्त मंदिरों में आसानी से दर्शन कर सकें इसलिए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए है। यहां मंदिरों में होने वाली भारी भीड़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने यहां मंदिरों में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने जन्माष्टमी पर्व पर सुचारू संचालन के लिए खास व्यवस्था की है। बीते वर्ष जन्माष्ट्री के मौके पर हुए हादसे के बाद अधिक सतर्कता बरती जा रही है। इस वर्ष जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने का पुख्ता इंतजाम किया गया है। कृष्ण जन्माष्टमी से ठीक दो दिन पूर्व जिलाधिकारी के पद पर नियुक्त किए गए शैलेंद्र कुमार सिंह ने पदभार संभालने के बाद मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि सात सितम्बर (बृहस्पतिवार) को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांति और सद्भावना से मनाया जाएगा।  उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व सिर्फ मथुरा वृंदावन के भक्तों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया भर में कृष्ण भक्तों के लिए अति महत्वपूर्ण है। इस महापर्व में मथुरा और वृ्ंदावन की छटा अलग ही होती है। यहां देश विदेश से भक्त कृष्ण भक्ति में लीन होकर अपने भगवान के दर्शन करने आते है। यशोदा के नंदलाला के जन्मोत्सव की खुशी के मौके पर भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिलता है। ऐसे में जिले के मुखिया के रूप में उनकी यह जिम्मेदारी बन जाती है कि इस दौरान अव्यवस्था की कोई स्थिति न बनने पाए।  गौरतलब है कि गत वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के चलते एक महिला सहित दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी। एडीएम प्रशासन विजय शंकर पांडेय ने बताया मंदिर क्षेत्र में एक जोनल और सात सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मथुरा को तीन जोन और 17 सेक्टर में बांटा गया है, वहीं वृन्दावन को तीन जोन और 16 सेक्टर में बांटा गया है।