दाल, राजमा, मटर समेत खाने-पीने की कई चीजों पर भी पड़ रही है महंगाई की मार, जानते हैं क्यों?

नई दिल्ली : इस्राइल-हमास युद्ध के बाद में माल ढोने वाले जहाजों पर हमले के खतरे से अब भारत का व्यापार प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि भारत से चावल का निर्यात न होने से चावल के दामों में गिरावट आई है, जबकि दाल समेत अन्य चीजों का आयात न होने से लोगों पर महंगाई की मार पड़ने की आशंका बनी हुई है। व्यापारियों का दावा है कि अगर इस समस्या से निजात नहीं मिली तो आने वाले दिनों में कई सामानों के रेट में उछाल आ सकता है।सामानों की सप्लाई प्रभावितएग्री फार्मर एंड ट्रेड असोसिएशन के प्रेसिडेंट सुनील बलदेवा ने बताया कि बीते कुछ दिनों से लाल सागर के जरिए सामानों की सप्लाई प्रभावित हुई है। क्योंकि लाल सागर के जरिए जहाजों पर हमले का खतरा है। इससे शिपिंग कंपनियों ने प्रति टन सामानों की ढुलाई में 30 से 50 डॉलर की वृद्धि कर दी है, जिससे व्यापारी परेशान हैं। कई कमोडिटी की सप्लाई ठपबाजार में इस समय कई सामानों की सप्लाई लगभग ठप हो चुकी है। सुनील के मुताबिक, अफ्रीका से अरहर की दाल की सप्लाई भारत में होती है, लेकिन सप्लाई चेन प्रभावित होने से बीते कुछ दिनों में अरहर दाल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, चावल, सफेद मटर से लेकर कई चीजों की सप्लाई प्रभावित है। साथ ही कनाडा से आने वाले सनफ्लावर और पीले सरसों के तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।चावल हो गया सस्ताइस युद्ध की वजह से भारत से चावलों का निर्यात नहीं हो पा रहा है। इससे चावल के दाम भरभरा कर गिर गए हैं। नया बाजार के चावल कारोबारी सचिन शर्मा ने बताया कि विदेशों में चावल की सप्लाई भारत से होती है, लेकिन लाल सागर से चावल की होने वाली सप्लाई ठप होने से बीते दस दिनों में बासमती के चावल में प्रति किलो 10 रुपये तक की गिरावट आई है। साथ ही दूसरे देशों से चावल का ऑर्डर लेने वाले व्यापारी भी सप्लाई न देने से परेशान हैं। शिपिंग कंपनियों ने बढ़ाया किरायाकंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स असोसिएशन के दिल्ली अध्यक्ष विपिन आहूजा ने बताया कि शिपिंग कंपनियों ने किराया काफी बढ़ा दिया है, जिससे लाल सागर के जरिए खाने के सामान से लेकर रॉ मटीरियल की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसकी वजह से कुछ चीजों की कीमत में बढ़ोतरी होने की आशंका है। साथ ही कई व्यापारी इस लिए परेशान हैं। सरकार को इस पर कोई रास्ता निकालने की जरूरत है।