Exclusive: भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी, फर्जी ट्रेनिंग, सेना भर्ती के नाम पर ठगे गए मनोज की आपबीती

मेरठ: भारतीय सेना में भर्ती के नाम पर ठगी का फर्जीवाड़ा लगातार जारी है। आर्मी इंटेलिजेंस लगातार ऐसे लोगों को चिन्हित कर पकड़ भी रही है लेकिन मेरठ में जो खुलासा हुआ है, उससे अफसर भी हैरान हैं। यहां भर्ती के नाम पर ठगी के शिकार मनोज ने एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में बड़े खुलासे किए हैं। उसने बताया कि भर्ती के नाम पर उससे 16 लाख रुपए ऐंठे गए। यही नहीं उसे पहले जम्मू-कश्मीर के अखनूर में, फिर पठानकोट में फालोअर बनाकर रखा गया। इस दौरापन उससे भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्यूटी भी करवा ली गई। बाद में राज न खुल जाए उसे मारने की कोशिश भी को गई। उसका मोबाइल फोन छीनकर पहले उसे तोड़ा गया फिर गायब कर दिया गया। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…

2019 में फैजाबाद भर्ती के दौरान मुलाकात पीड़ित मनोज ने बताया की 2019 में भर्ती के दौरान पहली बार राहुल से मुलाकात हुई। दोनों में नंबर का आदान-प्रदान हुआ और बातचीत होती रही। एक दिन राहुल अपने साथ अपने भाई अंकित और अपनी बुआ के लड़के बिट्टू को लेकर उसके घर आया और सेना में भर्ती की बात कही। फिर बिट्टू को कर्नल बताया और तीनों ने उससे 16 लाख रुपए मांगे। मनोज ने बताया कि राहुल ने इस रकम में से अपने खाते में 6 लाख रुपये लिए। फिर राहुल ने बताया कि कोरोना के कारण अभी भर्ती आदि रुकी हुई है। इसके बाद उसने डाक के जरिए एक पत्र भेजा और कहा कि अभी एक लेटर और आयेगा, तब जाना। मनोज बताते हैं कि इसके बाद एक पत्र और आया और 10 लाख कैश लेने के बाद मुझे पठानकोट ले गए। यहां उन्होंने पहले कुछ दिन होटल में रखा, फिर बाजार से वर्दी खरीद कर यूनिट में ले गया। इस दौरान उससे खाना भी बनवाया। यही नहीं राहुल ने अपनी जगह मनोज से पठानकोट में भारत पाकिस्तान बार्डर पर ड्यूटी भी करवाई।

ऐसे खुली फर्जीवाड़े की पोल
मनोज बताते हैं किइसके बाद उनके खाते में 12 हजार रुपये महीने आने शुरू हुए। लेकिन जब उसे यूनिट में रखा गया तो उसकी बात साथ रहने वाले सेना के जवानों से हुई। उसके कुछ सवाल थे, क्या आर्मी में सीधी भर्ती हो जाती है और बैगर ट्रेनिंग बार्डर पर नियुक्ति होती है? इस पर साथ में रहने वाले जवानों ने कहा की तेरे साथ ठगी हुई है, तू यहां से जा और अपने परिवार को सारी बात बता। उन्होंने कहा कि फौरन आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना दो।

इसी दौरान हुई मारने की कोशिश छीन लिया मोबाइल
पीड़ित मनोज ने बताया की उसने जब इस बारे में बात की कि मेरे साथ तुम तीनों ने ठगी की है तो राहुल ने तेजधार हथियार से इस पर हमला कर दिया और उसका मोबाइल छीन कर तोड़ दिया, जिसमे काफी अहम सबूत थे। मोबाइल तोड़ने के बाद भी वापस नहीं किया। इसके बाद उसे कानपुर लेकर आ गए, जहां राजा के पास रखा और 15 ट्रेनिंग दी। जब मैंने कहा कि मुझे रुपए वापस करो तो राहुल के भाई अंकित ने कहा कि तेरे को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रखवा दूंगा, मेरी जान पहचान बहुत है लेकिन मनोज किसी तरह वहां से निकलकर अपने घर आ गया और परिवार को आपबीती बताई।

आर्मी इंटेलिजेंस को दी सूचना
मनोज ने बताया कि इसके बाद वहअपने परिवार के साथ मेरठ आर्मी इंटेलिजेंस ऑफिस पहुंचा। यहां सारे दस्तावेज देकर आप-बीती बताई तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। उन्होंने अपने आला अधिकारियों को इस मामले से अवगत किया और जांच में जुट गए। जांच पूरी होने के बाद मेरठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर पूरा मामले का खुलासा किया।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप मनोज ने मेरठ की दौराला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे कोई लिखी शिकायत पत्र नहीं लिया बल्कि मुझे थोड़ी बहुत जानकारी मांगी और पूरा शिकायत पत्र खुद ही लिखा। इतना ही नहीं मनोज ने ये भी आरोप लगाया की दौराला के एक दरोगा ने मीडिया से दूरी बनाने की बात कही। उसने कहा कि अंकित से आपके 10 लाख रुपए दिलवा देंगे और उसे छोड़ देंगे लेकिन 3 दिन तक थाने में अलग बिठाए रखा। मनोज का आरोप है कि आज अंकित को छोड़ दिया और पुलिस ने कहा कि इसकी कोई भूमिका नहीं है जबकि अंकित के परिवारवालों ने कहा कि हमने पुलिस को रुपए दे दिए आप जानो या पुलिस।

रिपोर्ट: रामबाबू मित्तल