मणिशंकर अय्यर ने Kerala Literature Festival में कहा, Pandit Nehru की नीतियां देश को विकास के मार्ग पर लेकर आयी

कोझिकोड। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भारत को ‘‘घोर ठहराव’’ की स्थिति से बाहर निकालने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया और कहा कि अगर देश ने ‘‘नेहरूवादी विकास दर’’ बनाए रखी होती तो आज देश 21 प्रतिशत या उससे अधिक दर से वृद्धि कर रहा होता। पूर्व केन्द्रीय मंत्री मणिशंकर ने केरल साहित्य महोत्सव (केएलएफ) में बृहस्पतिवार को अपने संबोधन में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक पहलू में नेहरूवादी परंपरा को त्याग दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एंगस मैडिसन (ब्रिटेन के अर्थशास्त्री) ने 1914-47 तक हमारी विकास दर 0.72 प्रतिशत सालाना रहने का अनुमान व्यक्त किया है… लेकिन नेहरू के शासनकाल के शुरुआती कुछ वर्षों में हम 0.72 से 3.5 प्रतिशत तक पहुंचे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने अपनी आत्मकथा ‘मेमॉयर ऑफ ए मावेरिक: द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991)’ पर एक चर्चा के दौरान कहा, ‘‘यह एक कमाल की उपलब्धि है और अगर हमने नेहरूवादी विकास दर को बनाए रखा होता तो हम आज 21 प्रतिशत या इससे भी अधिक शायद 42 प्रतिशत की दर से विकास कर रहे होते।’’ उन्होंने कहा कि नेहरू की नीतियों ने देश को ‘‘घोर ठहराव की स्थिति’’ से बाहर निकाला और विकास के रास्ते पर डाला।  इसे भी पढ़ें: Swachh Survekshan Awards 2023 । ‘सबसे स्वच्छ शहर’ बने इंदौर और सूरतवयोवृद्ध कांग्रेस नेता (82) ने कहा कि भारत 2014 की तुलना में आज भावनात्मक तौर पर अधिक विघटित है और अगर ऐसा ही रहा तो ‘‘ या तो हम एक क्रूर तानाशाही की ओर बढ़ेंगे या हम भारत के विघटन की ओर बढ़ेंगे।’’ इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, अभिनेता प्रकाश राज, अमेरिकी चिकित्सक-लेखक अब्राहम वर्गीस, पुरस्कार विजेता लेखक पेरुमल मुरुगन और हास्य अभिनेता कानन गिल सहित 400 प्रसिद्ध हस्तियों ने केरल साहित्य महोत्सव में भाग लिया।