चलती बैठक में ममता बनर्जी ने थमाया गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन, बीएसएफ के मुद्दे पर माहौल गरमाया

कोलकाता: केंद्र और राज्य के बीच तनाव के बीच शनिवार को नबन्ना में भी गृहमंत्री अमित शाह और ममता बनर्जी के तनातनी हो गई। हाल यह था कि बैठक के बीच ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह को मांगों से भरा एक कागज थमा दिया। बताया जा रहा है कि वह कागज मांगों का ज्ञापन था। बता दें कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक सुबह 11 बजे से शुरू हुई। बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और ओडिशा के कैबिनेट मंत्री प्रदीप अमात शामिल हुए। बैठक करीब डेढ़ बजे खत्म हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री और अमित शाह ने मध्यान भोज किया और फिर करीब 20 मिनट ममता बनर्जी के साथ अलग से बैठक के बाद अमित शाह निकल गए।

BSF पर अति सक्रियता के आरोप

सूत्रों ने बताया कि बैठक में सबसे पहला मुद्दा बीएसएफ की कार्यशैली को लेकर था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएसएफ पर अति सक्रियता के आरोप लगाए। गृह मंत्री ने बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की गतिविधियों के बारे में बात की थी। साथ ही सीमा के रास्ते तस्करी का मामला भी चर्चा में आया। खास तौर पर पिछले कुछ महीनों से सीमा से गाय तस्करी को लेकर केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

सीमा भी राज्य की जिम्मेदारी

नबन्ना सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार की बैठक में कहा, ‘सीमा सुरक्षा की जितनी जिम्मेदारी बीएसएफ पर होगी, उतनी ही राज्य के हाथ में भी है।’ सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार सोच रही है। पिछली सरकार के काम में कई क्षेत्रों में कमी रही है, हमने उसे बहुत पूरा किया है। आगे के विकास के लिए आगे बढ़ रहा है। बैठक में सीमा पर तस्करी रोकने पर अतिरिक्त ध्यान दिया गया है।

ममता ने शाह को थमाया कागज

नबन्ना सूत्रों के अनुसार बैठक में ममता बनर्जी की शिकायत पर चर्चा की गई। इस बैठक में राज्य-केंद्र संबंधों में सुधार और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में 4 राज्यों ने ढांचागत और विकास संबंधी अपनी शिकायतें उठाईं। विभिन्न जलाशयों से पानी निकासी की समस्या के समाधान पर चर्चा हुई। इस दौरान ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने अपनी मांगों से भरा एक ज्ञापन गृहमंत्री अमित को थमाया। हालांकि अभी तक यह नहीं पता चला है कि उस कागज में कौन कौन से मुद्दे थे।