Bengal Violence पर बोलीं ममता, बीजेपी वाले कभी भी दंगा करा सकते हैं, मुझे हर वक़्त अलर्ट रहना होता है

पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर राजनीति जबरदस्त तरीके से गर्म है। भाजपा लगातार पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर हमलावर है। तो वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से हिंसा को लेकर भाजपा को जिम्मेदार बताया जा रहा है। इन सबके बीच ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर कहा है कि बंगाल के लोग इसे पसंद नहीं करते। इसके साथ ही उन्होंने हिंसा के लिए भाजपा को ही जिम्मेदार बता दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भाजपा वाले कभी भी कहीं भी हिंसा करा सकते हैं। ममता ने कहा कि मुझे हर वक़्त अलर्ट रहना होता कि भाजपा कब कहां जाकर दंगा कर दे। ये लोग समझते नहीं हैं बंगाल के लोग दंगा पसंद नहीं करते।  इसे भी पढ़ें: West Bengal: ममता के बयान पर अनुराग ठाकुर ने पूछा, क्या CM ही समाज को बांटने के लिए आगे आ गईं हैतृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि दंगा करना बंगाल की संस्कृति नहीं है। हम दंगा नहीं करते हैं, आम लोग दंगा नहीं करती है, भाजपा से नहीं हो पाता तो दंगा भड़काने के लिए वे किराए के लोगों को लेकर आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि रामनवमी में जिस युवक की तस्वीर हथियार लेकर देखी गई थी, ऐसा ही सीपीएम करती थी। क्या आप सीपीएम का अत्याचार भूल गए हैं? इसके साथ ही ममता ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या आप नंदीग्राम, खेजुरी, कोलाघाट, तमलुक की घटनाएं भूल गए? आज सीपएम बड़ी-बड़ी बातें करती है, आज सीपीएम से ही सीख कर भाजपा ये यह रास्ता चुना है। इसे भी पढ़ें: Mamata ने हनुमान जयंती पर हिंसा की आशंका जतायी, हिंदुओं से मुस्लिमों की रक्षा करने का आग्रहममता ने कहा कि ये भाजपा के लोग रामनवमी की शोभायात्रा में राम का नाम बदनाम करने के लिए हावड़ा में बुलडोजर लेकर गए, ट्रैक्टर और बंदूक लेकर गए, इनके पास पुलिस की इजाज़त नहीं थी। उन्होंने कहा कि ज़बरदस्ती इन्होंने फल-सब्जी की दुकाने जला दी, लोगों के घर जला दिए। हावड़ा में शांति हुई तो दूसरे दिन ये(BJP) लोग रिशड़ा चले गए। उन्होंने कहा कि ये लोग धर्म के नाम पर धर्म को बदनाम कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा महासचिव ज्योतिर्मय सिंह महतो ने पलटवार में कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में सरकार चलाने में नाकामयाब है इसलिए वो कुछ भी बोल रही हैं। तो वो अपनी नाकामयाबी न छुपाए। उन्हें तो तत्काल अपना पद छोड़ देना चाहिए। वो सरकार में हैं इसलिए कुछ भी नहीं कर सकती हैं।