मामा तुम तो धोखेबाज हो… वादा करके भूल जाते हो… मध्य प्रदेश में क्यों गूंज रहा है ये गाना?

मजबूरी और जरूरत अक्सर लोगों को प्रदर्शन के लिए मजबूर कर देती हैं, लेकिन संबंधित लोगों का ध्यान खींचने के लिए कई बार प्रदर्शनों में ऐसी रोचक चीजें होती हैं, जो सभी का ध्यान उनकी और आकर्षित कर लेती हैं. ऐसा ही नजारा देखने को मिला मध्य प्रदेश के खंडवा में. जिले के कलेक्ट्रेट ऑफिस के परिसर में पिछले दो दिनों से एक गाना गूंज रहा है- मामा तुम तो धोखेबाज हो… वादा कर के भूल जाते हो…
11 सूत्रीय मांगों को लेकर छह दिनों से पूरे मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन कर रही हैं. खंडवा में ये आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही गीतों के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना वादा याद दिला रही हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सूबे में मामा के नाम से पहचाने जाते हैं. उन्होंने पिछले चुनावों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ के समर्थन में वादे भी किए थे, जो कि अब तक पूरे नही हुए हैं. यही वजह है कि साल 2024 के चुनावों के पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी हड़ताल पर हैं.
इस हड़ताल के चलते राज्य भर में आंगनवाड़ी से संचालित होने वाली सरकारी योजनाएं भी ठप पड़ी हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अध्यक्ष अनिता कुल्हारे ने बताया की हमारी 11 सूत्री मांगे हैं, जो प्रदेश स्तर पर रखी गई हैं. अभी तक मुख्यमंत्री ने हमारी मांगे पूरी नहीं की, इसीलिए आज हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं. चुनावी माहौल आने वाला है और हमारी मांग पूरी नहीं करते हैं तो हम डटे रहेंगे.
कुल्हारे आगे कहती हैं कि वह (शिवराज सरकार) हमें सरकारी कर्मचारी की तरह स्थाई नहीं करते हैं या हमें मजबूरी दिखाते हैं तो हम आगामी चुनावों में उन्हें हराने का वादा करते हैं. कार्यकर्ता पदाधिकारी मिलकर प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे.
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है. हम इस आयोजन में शामिल हो जाएंगे, लेकिन आंगनवाड़ी पर झंडा वंदन नही करेंगे. जिला पंचायत स्तर पर जो वार्ड में होगा और जो स्कूल में होगा वहां हम झंडा वंदन करेंगे. राष्ट्रीय झंडे का हम सम्मान करते हैं. झंडा बुलंद करेंगे, मगर आंगनवाड़ी बंद रहेगी. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अध्यक्ष ने अपनी बात खत्म करते हुए एक और नारा लगाते हुए कहा, ‘हमारे मुख्यमंत्री जी, मामा तुमने रुलाया है और रोड पर लाकर बिठाया है.’