भारत से किनारा कर चीन जा रहे मालदीव के राष्‍ट्रपति, खुश हो गया ग्‍लोबल टाइम्‍स, जमकर उगला जहर

माले: भारत में इस समय मालदीव की चर्चा है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन की राजकीय यात्रा पर जाने वाले हैं। मुइज्जू खुद को मालदीव के हितों की बात करने वाला राष्ट्रपति कहते हैं। लेकिन असल में उनका झुकाव चीन की ओर है। 8 से 12 फरवरी तक वह चीन की यात्रा पर जाएंगे। मुइज्जू की यह यात्रा बेहद खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि 2008 में मल्टीपार्टी लोकतंत्र की शुरुआत के बाद मुइज्जू पहले राष्ट्रपति होंगे जो पद संभालने के बाद सबसे पहले चीन की राजकीय यात्रा पर जाएंगे।इससे पहले मालदीव के सभी राष्ट्रपतियों की ऑफिस संभालने के बाद सबसे पहली राजकीय यात्रा भारत की रही है। लेकिन मालदीव में चीन समर्थक मुइज्जू के आने के बाद सबकुछ बदल गया है। इससे सबसे ज्यादा खुश चीन है। चीन का ग्लोबल टाइम्स अब इस मुद्दे को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारतीय मीडिया मुइज्जू की इस यात्रा पर बारीकी से नजर रखे हुए है, क्योंकि वह भारत को छोड़कर चीन की यात्रा पर आ रहे हैं।मुइज्जू की विदेश नीति प्रो-चाइना नहींग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि मुइज्जू की जीत को इंडियन मीडिया ने भारत के लिए एक बड़ा झटका बताया है। सिंघुआ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग ने शुक्रवार को कहा, ‘अमेरिका और पश्चिमी देश भारत और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता देखने के इच्छुक हैं। क्योंकि यह संभावित रूप से उन्हें जियोपॉलिटिक्स में लाभ देगा।’ ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक मुइज्जू की विदेश नीति प्रो-चाइना या किसी देश के पक्ष में नहीं है।भारत के खिलाफ उगला जहरग्लोबल टाइम्स ने कहा कि मालदीव में कोई भी राष्ट्रपति बनता है, वह अपने देश के हितों के लिए काम करता है। मालदीव भारत या चीन की ओर नहीं झुकेगा। भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए ग्लोबल टाइम्स ने कहा, ‘भारत दक्षिण एशिया को अपने प्रभाव वाला क्षेत्र मानता है और कुछ देशों की संप्रभुता के प्रति बेहद कम सम्मान दिखाता है।’ सिचुआन इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस के प्रोफेसर लॉन्ग जिंगचुन ने कहा कि भारत नहीं चाहता कि मालदीव के मैत्रीपूर्ण संबंध चीन के साथ हों। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत खुद को दक्षिण एशिया में बॉस के तौर पर देखता है, जो कुछ देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों का कारण है।