मालदीव देख रहा अपना फायदा… मुइज्जू की चापलूसी में जुटा चीन का भोंपू ग्लोबल टाइम्स, भारत को दे रहा नसीहत

माले: भारत और मालदीव के बीच तनाव चल रहा है। इस बीच मालदीव के राष्ट्रपति की यात्रा पर गए हैं। उनकी इस यात्रा के कारण चीन को भारत पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। चीन का मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर भारत विरोध का जहर उगला है। साथ ही मालदीव की तारीफ की है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि मोहम्मद मोइज्जू की यात्रा दिखाती है कि मालदीव और चीन के संबंध एक नई ऊंचाई को छू रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स ने माना कि भारत को छोड़कर मुइज्जू ने चीन की यात्रा की है। उसने आगे कहा कि भारतीय मीडिया मान कर चल रहा है कि यह उनकी भारत विरोधी नीति को दिखाता है।भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए उसने लिखा, ‘चीनी विश्लेषकों का कहना है कि मुइज्जू को यात्रा के कारण उन्हें चीन समर्थक बताना कुछ भारतीय राजनेताओं में आत्मविश्वास की कमी को दिखाता है। भारत की लंबे समय से आधिपत्यवादी मानसिकता मालदीव समेत कुछ क्षेत्रीय देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों का मूल कारण है। इसका दोष भारत को चीन पर नहीं मढ़ना चाहिए।’ शी जिनपिंग के आमंत्रण पर मुइज्जू 8-12 जनवरी तक चीन की यात्रा पर गए हैं।फायदे वाली डील करेगा चीनचीन हमेशा जिनके साथ डील करता है, उन्हें बर्बाद करके छोड़ता है। मुइज्जू की यात्रा के दौरान चीन और मालदीव के बीच बेल्ट एंड रोड, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, और टूरिज्म से जुड़ी डील हो सकती है। इसके अलावा चीन और मालदीव के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो सकता है। पूरी दुनिया को पता है कि इससे सबसे ज्यादा फायदा चीन को होगा। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन मालदीव की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसके आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता और न ही भारत की तरह दूसरे देशों से संबंध बनाने से मालदीव को रोकता है। इसके विपरीत चीन ज्यादा से ज्यादा देशों के साथ मालदीव को संबंध बनाने को प्रोत्साहित करता है।तनाव पर क्या बोला ग्लोबल टाइम्सग्लोबल टाइम्स ने अपने लेख में लिखा कि भारत इस यात्रा पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि मुइज्जू ऐसे समय पर भारत आए हैं, जब दोनों देशों के बीच विवाद तनाव चल रहा है। हालांकि ग्लोबल टाइम्स ने बेशर्मी के साथ इस तनाव के लिए मालदीव की मंत्री को जिम्मेदार नहीं माना। बल्कि लिखा कि भारत दक्षिण एशिया में बॉस बनना चाहता है, जो कुछ देशों के साथ उसके तनावपूर्ण संबंधों का कारण है। उसने लिखा कि भारत को पड़ोसियों के साथ संबंधों पर विचार करना चाहिए। उसने लिखा कि मुइज्जू ने भारत या चीन को नहीं चुना है, बल्कि वह मालदीव का हित देख रहे हैं।