‘माफिया अतीक अहमद को हो फांसी’, अपहरण केस में फैसला आने से पहले उमेश पाल की मां और पत्नी ने कहा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट से उमेश पाल अपहरण केस में आज फैसला आएगा। फैसले से पहले उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने कहा कि मैं कोर्ट से यही उम्मीद करती हूं कि उसको (अतीक अहमद) फांसी की सजा दिलाई जाए। जब तक जड़ खत्म नहीं होगी तब तक कुछ नहीं हो पाएगा। हम डर के साए में जी रहे हैं।#WATCH | Prayagraj, UP: Ahead of hearing in Umesh Pal kidnapping case, his wife Jaya Pal says, “I hope court sentences him (Atiq Ahmed) to death by hanging. If he lives, perhaps we won’t be able be alive. Maybe it would be us next. If he is gone only then will terror be gone…” pic.twitter.com/Y17q3JXUEG— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 28, 2023

वहीं, उमेश पाल की मां शांती देवी ने कहा कि मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है। जेल उसका (अतीक अहमद) घर है और वहां से वो कुछ भी करा सकता है। प्रशासन ने अभी तक जो भी कुछ किया है उससे हम संतुष्ट हैं। मेरी यही मांग है कि उसको फांसी की सजा हो।#WATCH | Prayagraj, UP: Ahead of hearing in Umesh Pal kidnapping case, his mother Shanti Devi says, “…We don’t have the strength to fight a case in the time to come. He (Atiq Ahmed) should be sentenced to death by hanging. If he is sentenced to life imprisonment, he can do… pic.twitter.com/K5L0WMspSK— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 28, 2023

इस मामले में माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ समेत अन्य लोग आरोपी हैं। सभी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। फैसला आने से पहले प्रयागराज में उमेश पाल के आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।ये है पूरा मामला?उमेश पाल अपहरण मामला 17 साल पुराना है। इस मामले में अतीक अहमद मुख्य आरोपी हैं। उमेश पाल ने उस समय आरोप लगाया था कि 28 फरवरी 2006 के अतीक अहमद ने उसका अपहरण करवाया। उसके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी, क्योंकि वह राजू पाल हत्याकांड का एकमात्र गवाह था। उमेश के मुताबिक, 28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद की लैंड क्रूजर कार समेत एक अन्य वाहन ने उसका रास्ता रोका और घेर लिया। उस कार से दिनेश पासी, अंसार बाबा और अन्य लोग नीचे ऊतरे और उन्होंने उस पर पिस्तौल तान दी और कार में खींच लिया। कार के अंदर अतीक अहमद और तीन अन्य लोग राइफल लेकर बैठे थे। उससे मारपीट की गई और चकिया स्थित अपने दफ्तर लेकर पहुंचे। कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की गई। उसे करंट के झटके भी दिए गए।