जरूरत पड़ी तो त्रिशूल भी चलाऊंगी… मनोज तिवारी के प्रचार में दिल्ली पहुंचीं माधवी लता का दिखा तेज तर्रार अंदाज

नई दिल्ली: बीजेपी नेता माधवी लता जैसे ही मंच पर पहुंची, कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने शुरू कर दिए कि माधवी लता को जय श्रीराम, जय श्रीराम। माधवी लता ने भी मंच पर पहुंचते ही अपने चिरपरिचित अंदाज में तीर चलाकर सभा में मौजूद भीड़ में जोश भर दिया। माधवी लता ने कहा कि अभी तो यह तीर चला है, अगर जरूरत पड़ी तो त्रिशूल भी चलाऊंगी। वह बुराड़ी के वेस्ट कमल विहार में सांसद मनोज तिवारी के लिए वोट मांगने आई पहुंची थी।मनोज तिवारी से पहले पहुंच गईं माधवी लता हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के सामने बीजेपी उम्मीदवार माधवी बीजेपी प्रत्याशी मनोज तिवारी से पहले सभा में पहुंच गई। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं माधवी तीर चलाती है, हम कहते हैं कि हम मां दुर्गा का त्रिशूल भी चलाएंगे। मनोज तिवारी के सामने जो चुनाव लड़ रहे हैं, उनका नाम कन्हैया है। लेकिन कारनामे क्रूर हैं। उन्होंने हाल में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद उत्पीड़न करने वाले को बचाने के लिए सड़क पर आ गए। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग भोले होते हैं। वे पूरे देश में आईएएस बनकर आईपीएस बनकर देश की सेवा करते हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में केजरीवाल ने ऐसे भोले-भाले लोगों के साथ छल किया है।कीचड़ में कमल खिलता है- लतामाधवी लता ने कहा कि कीचड़ और नारकीय जीवन जी रहे लोगों के बीच केजरीवाल को दो दिन रहना चाहिए। तब उन्हें पता लगेगा कि यह जीवन कैसे जी रहे हैं। अगर मनोज तिवारी जीवन स्तर को सुधारना चाहते हैं तो केजरीवाल विकास कार्यों में टांग अड़ाते हैं। बुराड़ी के लोग कीचड़ और कूड़े के देर के बीच रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कीचड़ में कमल खिलता है तो पूजा में भगवान के चरणों में अर्पित होता है। इसलिए दिल्ली की डबल इंजन सरकार बनाकर अपने जीवन स्तर को सुधारने के लिए आगे बढ़ो 2024 में मोदी सरकार और 2025 में बीजेपी सरकार बनाए।पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिपाही हूं। जो लोग कहते हैं कि हम हिंदू-मुस्लिम की बात करते हैं। पूछना चाहता हूं कि आखिर हमारे मनोज तिवारी ने कोई जहांगीरपुरी में कहीं आग लगाई? जवाब है नहीं लगाई, लेकिन जिन्होंने आग लगाई वह एक विशेष सोच के लोग हैं। अगर देनी हैं तो मुझे 100 गालियां देना, लेकिन अपने दिल पर हाथ रखकर पूछना कि आखिर इसका इलाज क्या है। हम एकजुट होकर वोट की ताकत का इस्तेमाल करें और सनातनी संस्कृति को विजय दिलाएं।