छिंदवाड़ा में खिलेगा कमल या लहराएगा कांग्रेस का झंडा? कमलनाथ को उनके ही गढ़ में घेरने की तैयारी

मध्य प्रदेश: इस साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) इस बार पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ को उनके गढ़ छिंदवाड़ा में घेरने की तैयारी में है. छिंदवाड़ा कमलनाथ का अभेद गढ़ बन चुका है. सिर्फ एक बार को छोड़कर वो लगातार 40 सालों इस सीट से सांसद और अब विधायक का चुनाव जीतकर आए हैं. छिंदवाड़ा को जितने के लिए बीजेपी ने खास तैयारी शुरू कर दी है.
कमलनाथ का गढ़ जितने के लिए बीजेपी ने इस बार अभी से ही कमर कस ली है. ये वो सीट है, जिसे बीजेपी 40 सालों से हासिल करने का प्रयास कर रही है. छिंदवाड़ा कमलनाथ का अभेद गढ़ बन चुका है. फिलहाल, बेटा नकुल नाथ सांसद है. 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस प्रदेश की 29 में से सिर्फ यही एकमात्र लोकसभा सीट बचा पाई है. इसलिए इस बार बीजेपी की नजर छिंदवाड़ा पर है. वो कांग्रेस से ये एकमात्र सीट भी छीनने की तैयारी में है. इसके लिए अभी से नाकाबंदी शुरू की जा रही है. 2019 में खुद पीएम मोदी भी यहां सभा कर चुके हैं. साल 2024 के लिए शुरुआत पार्टी के दिग्गज अमित शाह के दौरे करने जा रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह 25 मार्च को छिंदवाड़ा आ रहे हैं. करीब 8 लाख आदिवासी मतदाताओं को साधने की तैयारी है . ये दौरा छिंदवाड़ा सहित आसपास के अन्य जिलों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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‘छिंदवाड़ा जरूर जीतेगी BJP’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि इस बार बीजेपी छिंदवाड़ा जरूर जीतेगी. गृहमंत्री अमित शाह भी आ रहे हैं. बूथ स्तर पर पार्टी काम कर रही है. पिछले चुनाव में 29 में से 28 सीटें बीजेपी ने जीती थी. इस बार वो बची हुई एक सीट भी बीजेपी जीतेगी. बीजेपी का संगठन ही नहीं बल्कि सत्ता भी छिंदवाड़ा पर फोकस कर रही है. लिहाजा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार एक के बाद एक सौगातें छिंदवाड़ा को दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लंबे वक्त के बाद छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस की स्वीकृति दी गई. 665 करोड़ रुपए के स्थान पर 768.22 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित की स्वीकृति दी गई है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 100 करोड़ रुपए की लागत के 30 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण दिसंबर माह में किया गया. लोक निर्माण विभाग की एक दर्जन सड़कों का भूमिपूजन भी किया गया. छिंदवाड़ा हम जरूर जीतेंगे.
4 दशक से छिंदवाड़ा पर कांग्रेस का कब्जा
1980 से मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ का कब्जा है. लगातार 4 बार चुनाव जीतते आ रहे हैं. साल 1996 में हवाला कांड में नाम आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने अपनी पत्नी को चुनाव लड़वा दिया. कमलनाथ की पत्नी अलका नाथ चुनाव जीत भी गईं. कमलनाथ ने अपनी पत्नी से संसद से इस्तीफा दिलवा दिया और खुद छिंदवाड़ा के उपचुनाव में प्रत्याशी बन गए.
साल 1997 में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने सुंदरलाल पटवा को मैदान में उतार दिया. पटवा ने ये चुनाव बखूबी लड़ा और कमलनाथ को उन्हीं के गढ़ में मात दे दी. हालांकि, अगले साल 1998 में फिर चुनाव हुए और पटवा कमलनाथ से हार गए. 2014 की मोदी लहर में भी कमलनाथ चुनाव जीत गए. 2019 में मुख्यमंत्री रहने के कारण कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने चुनाव लड़ा और वो जीते भी. कांग्रेस नेता पीसी शर्मा कहते हैं कि यही कारण है की कांग्रेस नेताओं का कहना है बीजेपी छिंदवाड़ा जितने का सपना न देखें. छिंदवाड़ा में बीजेपी कमलनाथ का बाल भी बाका नहीं कर सकती.
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जेपी नड्डा भी करेंगे छिंदवाड़ा का दौरा
कमलनाथ के निवास से शुभम गुप्ता ने कहा कि चाहे अटल युग रहा हो या फिर मोदी लहर… बीजेपी छिंदवाड़ा सीट जितने में नाकामयाब ही साबित हुई है. लिहाजा 2024 में बीजेपी कमलनाथ के गढ़ में कमल खिलाना चाहती है. बीजेपी ने इस सीट को अपनी साख का सवाल बना लिया है. आने वाले समय में जेपी नड्डा भी छिंदवाड़ा दौरे पर रहने वाले है .