बिहार: CM आवास से 6 किलोमीटर की दूरी पर दारू की भट्ठी, क्या नीतीश की शराबबंदी सिर्फ आंखों का धोखा?

पटना : बिहार में पिछले एक सप्ताह से सबसे बड़ा मुद्दा जहीरीली शराब और शराबबंदी बनी हुई है। पूरी की पूरी राज्य सरकार और विपक्ष शराब-शराब की रट लगाए हुए है। बीजेपी का दावा है कि जहरीली शराब से हफ्तेभर में राज्य के 100 से ज्यादा लोगों ने जान गंवा दी। इन सबके बीच दारू की भट्ठियों के खिलाफ पुलिस की ओर से मेगा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। दूर-दराज इलाकों की बात कौन करे, सीएम नीतीश के आवास से महज 6-7 किलोमीटर की दूरी पर बीच बस्ती में शराब की भट्ठियां चल रही हैं।

पटना से सटे दानापुर में शराब की फैक्टरी!

दानापुर रेलवे स्टेशन के पास शराब की दर्जनों भट्ठियां तोड़ी गई। रूपसपुर के जलालपुर नहर के नजदीक खुलेआम अवैध शराब बनाई जा रही थी। जहां पर ये भट्ठियां लगाई गई थीं, पास में ही बहुमंजिली इमारतें बनी हुई हैं। वहीं, शराब माफिया फैक्टरी लगा रखा था। मीडिया ने खुलासा किया तो करीब दो घंटे के बाद फुलवारीशरीफ थाने की पुलिस पहुंची। फिर फुलवारीशरीफ थाने की सूचना पर रूपसपुर थाने की पुलिस पहुंची।

तुरंत छापेमारी की हिम्मत नहीं हो सकी?

कौन से थाना क्षेत्र में शराब की भट्ठी चल रही है, इसे लेकर भी विवाद हुआ। फुलवारीशरीफ पुलिस ने बताया कि ये रूपसपुर थाना क्षेत्र का मामला है। हद तो तब हो गई कि पुलिस को इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि तुरंत छापेमारी करके जहरीली शराब बनानेवाले को पकड़े। जब काफी संख्या में पुलिस पहुंची तभी शराब बनानेवाले सामान को नष्ट किया जा सका।

लैंड माइन की तरह बिछे थे कंटेनर

जब पुलिस कारवाई करने लगी तो सैकड़ों प्लास्टिक के कंटेनर जमीन के अंदर मिले। बिल्कुल लैंड माइन की तरह। इसमें केमिकल डाला महुआ को रखा गया था। कई कंटेनर से महुआ उबलते हुए गैस छोड़ रहा था। पूरे मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। सवाल ये उठता है कि राजधानी पटना के पॉश इलाके में दिन के उजाले में अवैध शराब बनाने का खेल चल रहा था और पुलिस को भनक तक नहीं थी।

मीडियावालों ने खोजी शराब की भट्ठियां

रूपसपुर थाने के ASI अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जानकारी मिलते ही हमने यहां आकर इन्हें नष्ट किया। महुआ का इस्तेमाल कर शराब तैयार की जा रही थी। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, आगे की कार्रवाई जारी है। हद तो तब हो गई कि पत्रकारों ने दारू की भट्टियां खोज ली मगर पटना की स्मार्ट पुलिस को भनक तक नहीं लगी।