आईआईटी निकालने के बाद बोला झूठ, फिर भी मां-बाप को क्यों हो रहा बेटे पर नाज?

पुणे: देश के लिए एनडीए में शामिल होने का जुनून क्या होता है यह कोई गौरव यादव से सीखे। युवा गौरव यादव ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में एडमिशन पाने की जिद ठान ली। आज वे खडकवासला की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से बनकर उभरे हैं। यहां तक कि गौरव ने आईआईटी की परीक्षा निकालने के बाद भी इस सच्चाई को परिवार से छिपाए रखा। गौरव राजस्थान के अलवर जिले के जाजोर-बास गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता एक किसान हैं। गौरव की शुरू से ही यह चाहत थी कि वे देश के सशस्त्र बलों में अपना करियर बनाए। और आखिरकार गौरव ने दिल्ली के एक कॉलेज में एडमिशन पाने के बाद इसे पूरा भी कर लिया। वहीं गौरव की इस उपलब्धि पर आज माता-पिता को नाज है।

तीसरी बार मिली कामयाबीगौरव ने दो बार एनडीए प्रवेश परीक्षा पास तो कर ली। लेकिन उन्हें सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के इंटरव्यू दौर में पास न होने के बाद संस्थान में प्रवेश नहीं मिला। हालांकि गौरव ने इन दो असफलताओं के बाद खुद को विचलित नहीं होने दिया और तीसरी बार कामयाबी ने उनके कदम चूम लिए।यादव ने बुधवार को एनडीए के पासिंग आउट परेड कार्यक्रम के बाद कहा, ‘मैं अपने कमरे में दीवार के सामने खड़ा हो जाता था और कल्पना करता था कि एसएसबी पैनल मेरा इंटरव्यू ले रहा है और मैं उनके सवालों का जवाब दे रहा हूं।’

भाई भी सेना में, गौरव के बारे में दी जानकारीस्वर्ण पदक विजेता गौरव यादव के भाई विनीत भी सेना में हैं। विनीत ने कहा कि परिवार एक समय गौरव की मानसिक दशा को लेकर चिंतित था। विनीत ने कहा कि जब उसने अपने भाई से उसके आईआईटी रिजल्ट के बारे में पूछा, तो गौरव ने कहा कि वह इसे पास नहीं कर सका। गौरव के भाई ने कहा, मुझे पूरा भरोसा था कि वह आईआईटी की परीक्षा पास कर सकता है। हालां कि एनडीए में चुने जाने के बाद गौरव ने खुद ही परिवार को इस बारे में बताया कि उसने आईआईटी प्रवेश परीक्षा भी पास कर ली है। गौरव के बाई ने कहा, ‘उन्होंने एक असाधारण उपलब्धि हासिल करके खुद को सही साबित किया। हमें उन पर गर्व है। यह उनके सैन्य करियर की शानदार शुरुआत है।’