लेस्टर हिंसा: 150 से अधिक हिंदू समूहों ने PM ट्रस को लिखा पत्र, स्वतंत्र जांच की मांग की

स्वामीनारायण संप्रदाय, गायत्री परिवार, इस्कॉन, आर्य समाज सहित 150 से अधिक हिंदू समूहों ने ब्रिटेन की पीएम लिज ट्रस को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने लेस्टर हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में कट्टरता को बदलने की दरकार है. दरअसल, बीते दिनों ब्रिटेन के लेस्टर शहर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा का मामला सामने आया था. हिंदुओं के धार्मिक परिसरों और धार्मिक प्रतीकों को तोड़ा गया था. इसके बाद यहां हिंसा भड़क उठी थी. इस मामले में 47 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था. हिंसा की शुरुआत एशिया कप में 28 अगस्त को भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए क्रिकेट मैच से हुई थी, जो आगे जाकर मंदिर के तोड़फोड़ तक पहुंच गई.
शहर में सरेआम मंदिरों पर हमला किया गया. कुछ पाकिस्तानी गुंडों ने पुलिस की मौजूदगी में मंदिर के झंडे को उतारने की जुर्रत की. पुलिस ने रोकने की कोई कोशिश नहीं की. ये घटना करीब 19 सितंबर के आसपास की है. लंदन में भारतीय उच्चायोग ने लेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं के धार्मिक परिसरों को घेरने और धार्मिक प्रतीकों को तोड़ने की कड़ी निंदा की थी. लेस्टर के बाद फिर स्मेथविक शहर में हंगामा शुरू हो गया. कुछ पाकिस्तानी मुसलमान वहां के दुर्गा मंदिर के बाहर जुट गए और नारेबाजी करने लगे.
इस्लामी चरमपंथियों ने किए लक्षित हमले
ब्रिटेन के हिंदुओं के सर्वदलीय सांसद समूह (एपीपीजी) के अध्यक्ष एवं कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने ब्रेवरमैन को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने कहा था कि ये लक्षित हमले इस्लामी चरमपंथियों द्वारा किए गए है. इससे पूरे ब्रिटेन में हिंदू समुदाय के लिए भय, नुकसान और व्यवधान की स्थिति उत्पन्न हुई है. इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने लेस्टर में स्थानीय पुलिस अधिकारियों और हिंदू तथा मुस्लिम समुदाय के नेताओं से मुलाकात की और कहा कि हालिया हिंसक झड़पों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया यह मुद्दा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में ब्रिटेन की अपनी समकक्ष तथा विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली के साथ एक बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया था. लेस्टर की कुल आबादी 3.5 लाख है. इसमें करीब 18 प्रतिशत मुसलमान और 14 प्रतिशत हिंदू रहते हैं. बड़ी आबादी गुजराती की है. 35 फीसदी ऐसे लोग हैं, जो किसी और देश से आकर वहां बसे हैं. सबसे बड़ी तादाद उन लोगों की है जो युगांडा, केन्या और तंजानिया जैसे देशों से आए हैं. वहां के लोगों का कहना है कि लेस्टर में जो कुछ हुआ वो पहले कभी नहीं हुआ था. यहां सब मिलजुल कर और शांति से रहते आए हैं.