नौ साल की उम्र में छूट गया देश और आज कई देशों की जीडीपी से ज्यादा है दौलत, दरवाजे पर खड़ी है दुनिया

नई दिल्ली: एआई चिप (AI Chip) बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एनवीडिया कॉरपोरेशन (Nvidia Corp) के शेयरों में पिछले साल 239% तेजी आई थी और इस साल 20 दिन में यह 27% से अधिक उछल चुका है। इसका मार्केट कैप 1.5 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच चुका है। अगर कंपनी का शेयर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले कुछ दिन में यह जेफ बेजोस की कंपनी ऐमजॉन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन जाएगी। इस कंपनी की स्थापना ताइवान में पैदा हुए जेनसन हुआंग ने साल 1993 में की थी। शुरू में यह कंपनी वीडियो-गेम ग्राफिक्स चिप्स बनाती थी। आज माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों में एनवीडिया से ज्यादा से ज्यादा चिप लेने की होड़ मची है। साथ ही सऊदी अरब और यूएई भी कंपनी से हजारों चिप खरीद रहे हैं। एक नजर जेनसन हुआंग के करियर पर…एनवीडिया की स्थापना जेनसन हुआंग ने की थी। हुआंग का जन्म 1963 में ताइवान में हुआ था। उनका बचपन ताइवान और थाईलैंड में गुजरा। साल 1973 में उनके माता-पिता ने उन्हें अमेरिका में अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिया। कुछ दिन बाद वे भी अमेरिका चले गए। हुआंक की आगे की पढ़ाई अमेरिका में हुई। साल 1984 में ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और फिर 1992 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। कुछ समय के लिए उन्होंने एक कंपनी में भी काम किया और चिप डिजाइन करने का अनुभव प्राप्त किया। एनवीडिया की स्थापना एक रेस्टोरेंट में हुई थी जहां हुआंग अपने दो साथियों के साथ डिनर पर मिले थे। दरवाजे पर खड़ी है दुनियाNvidia की स्थापना अप्रैल 1993 में हुई थी। शुरू में यह कंपनी वीडियो-गेम ग्राफिक्स चिप्स बनाती थी। लेकिन एआई चिप्स की बढ़ती मांग ने इस कंपनी को पंख लगा दिए। जब कंपनी का शेयर 100 डॉलर पर पहुंचा तो हुआंग ने अपने बाजू पर कंपनी के लोगो का टैटू बनवाया था। एनवीडिया फिलहाल 1.469 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की छठी और अमेरिका की पांचवीं वैल्यूएबल कंपनी है। इसका मार्केट कैप वॉरेन बफे की बर्कशायर हैथवे, मार्क जकरबर्ग की मेटा, एलन मस्क की टेस्ला से भी ज्यादा है। एनवीडिया में उनकी 3.5% हिस्सेदारी है। हुआंग 52.7 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 24वें नंबर पर हैं।कोरोना काल में हुआ कमालकोरोना काल में कंपनी के शेयरों में भारी तेजी आई। क्रिप्टो बूम के कारण इसके माइनिंग में चिप के इस्तेमाल में तेजी आई थी। लेकिन उसके बाद कंपनी के शेयरों की कीमत दो-तिहाई गिर गई थी। अब फिर एआई का चलन बढ़ने से फिर कंपनी के शेयरों में तेजी आ रही है। इस साल कंपनी के शेयरों में काफी तेजी आई है। दुनियाभर की कंपनियां ज्यादा पावरफुल कंप्यूटरों का रुख कर रही हैं जो चैटजीपीटी जैसे जेनरेटिव एआई को हैंडल कर सकें। यह Nvidia के चिप्स का ही कमाल था कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को बिंग जैसे फीचर डेवलप करने में मदद मिली। बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों में एनवीडिया से ज्यादा से ज्यादा चिप लेने की होड़ मची है। सऊदी अरब और यूएई भी कंपनी से हजारों चिप खरीद रहे हैं। चीन की कंपनियां टेंसेट और अलीबाबा भी एनवीडिया के दरवाजे पर खड़ी हैं।