22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे लालकृष्ण आडवाणी, VHP नेता ने कर दिया कंफर्म

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी पुष्टि कर दी है। हालांकि आलोक कुमार ने यह भी बताया कि ज्यादा उम्र होने की वजह से आडवाणी मंदिर से जुड़े सभी कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन 22 जनवरी को वह उपस्थित रहेंगे। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए वहां हर तरह की व्यवस्था कर दी गई है। हां वो आएंगे… वीएचपी नेता ने लगा दी मुहर विश्व हिंदू परिषद के इंटरनैशनल वर्किंग प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने आज एक वीडियो जारी कर लालकृष्ण आडवाणी के 22 जनवरी को शामिल होने पर मुहर लगा दी। लगभग डेढ़ मिनट के वीडियो में आलोक कुमार ने कहा कि हां लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आएंगे। आलोक कुमार ने आगे कहा कि जब RSS के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल जी, रामलाल जी और मैं पूर्व डिप्टी पीएम के घर निमंत्रण देने गए थे तब, उनके परिवारजनों ने उनकी व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की थी। जैसे वह दिल्ली से कैसे जाएंगे, उनके बैठने का प्रबंध और स्वास्थ्य को देखते हुए चिकित्सकों की क्या इंतजाम होगा। आलोक कुमार ने कहा कि हमने उनके परिवार को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि 96 वर्षीय आडवाणी को कोई परेशानी नहीं आएगी।चंपत राय ने की थी न आने की अपील राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उम्र की देखते हुए बीजेपी के दो कद्दावर नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से कार्यक्रम में शामिल न होने की अपील की थी। चंपत राय ने कहा था कि आडवाणी और जोशी दोनों ही बुजुर्ग हैं और उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए, उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने से बचना चाहिए। आडवाणी और जोशी दोनों ही राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे। उन्होंने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान कई बार अयोध्या में रैली की थी और उन्होंने इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।