कुवैत अग्निकांडः अपनी शादी के लिए 5 जुलाई को बिहार लौटने वाला था युवक, आखिरी फोन कॉल को याद कर रो रही ‘मां’

दरभंगाः बिहार के दरभंगा जिले में अधेड़ उम्र की एक महिला कुवैत में बुधवार को आग की घटना में 49 लोगों की मौत की खबर सुनने के बाद वहां रह रहे अपने बेटे को बार-बार कॉल कर रही है लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा है। ऐसी में वह अपने बेटे को लेकर बहुत चिंता में है। जिले के नैना घाट इलाके की निवासी मदीना खातून ने बताया कि उनका बेटा कालू खान पिछले कई सालों से कुवैत में रह रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे के बारे कुछ भी पता नहीं चल रहा है। उनके अनुसार कालू खान उसी इमारत में रह रहा था जिसमें आग लगी ।कॉल का जवाब नहीं देने से बढ़ी चिंतागमगीन मदीना खातून ने मीडियाकर्मियों से कहा-‘ मैंने आखिरी बार उससे मंगलवार रात करीब 11 बजे बात की थी। उसने मुझसे कहा था कि वह पांच जुलाई को दरभंगा आएगा क्योंकि उसकी शादी अगले महीने होने वाली थी। लेकिन जब से मुझे कुवैत में उसी इमारत में आग लगने की घटना के बारे में पता चला, तो मैं उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही हूं…लेकिन वह मेरी कॉल का जवाब नहीं दे रहा है। हमें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।’दूतावास के अधिकारियों को तस्वीरें भेजी, जवाब का इंतजारमदीना खातून ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे के साथ वास्तव में क्या हुआ है। वह मेरा सबसे बड़ा बेटा है। हमने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की भी कोशिश की, लेकिन हमारे सारे प्रयास व्यर्थ गए। हमने दूतावास के अधिकारियों को उसकी तस्वीरें भेजी हैं और जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हम जिला प्रशासन के संपर्क में भी हैं।’ खातून ने रोते हुए कहा, ‘मैं दुआ कर रही हूं कि मुझे अपने बेटे के बारे में कुछ अच्छी खबर मिले।’कुवैत में मजदूर के रूप में कर रहा था कामग्रामीणों के अनुसार खान कुवैत में एक मजदूर के रूप में काम कर रहा था। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को दक्षिणी शहर मंगाफ की एक इमारत में आग लग गई, जिसमें लगभग 40 भारतीयों सहित 49 विदेशी श्रमिकों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए।