1991 में कारसेवक का वो शब्द जानिए आज बीजेपी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी कैसे

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर में बाल राम की प्राण प्रतिष्ठा के जरिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) माहौल बनाने में कामयाब रही है। पूरे देश में राम मंदिर को लेकर जो माहौल बना है वो बीजेपी को 2024 के लिए चार्ज करने के लिए काफी है। भगवा दल ने प्राण प्रतिष्ठा को मेगा इवेंट बनाने में सफलता पाई है। यही नहीं, राम मंदिर के जरिए बीजेपी उन वोटरों को भी साधने में सफलता पाती दिख रही है जिसे फ्लोटर वोटर कहा जाता है। यानी जो अंतिम वक्त में पाला बदल लेते हैं। यही नहीं, बीजेपी इस बड़े कार्यक्रम के जरिए हिंदुओं को भी मैनज करने में सफल रही है। विपक्षी दल भी अब सतर्क होते हुए राम मंदिर पर बयानबाजी करने से बच रही है। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी अब बैकफुट पर दिख रहे हैं। बीजेपी के लिए 1991 वाली खुशखबरी!आनंद पटवर्धन की एक डॉक्यूमेंट्री है। राम के नाम (In The Name of God) पर। 1992 में बनी इस डॉक्यूमेंट्री में राम मंदिर आंदोलन को दिखाया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री के वीडियो में वहां मौजूद लोगों से जब ये पूछा गया कि वो किस जाति के हैं तो लोगों ने कहा कि यहां सभी जाति के लोग हैं। यानी राम मंदिर के आंदोलन के दौरान भी बीजेपी ने हिंदुओं को एक करने में सफलता हासिल की थी। इसी वीडियो में एक शख्स कहता है कि जहां तक धर्म की बात है तो हम हिंदू धर्म के ही हैं। ये झलक है उस डॉक्यूमेंट्री की जिसमें जाति को लेकर सवाल पूछा गया था, आज के दिन जो आप देख रहे हैं वो उसी की छवि है। यानी राम के नाम पर सभी एक। बीजेपी इसे एक करने में कामयाब होती दिख रही है। राम मंदिर पर बीजेपी ने रच दिया माहौल बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का भव्य और सफल कार्यक्रम के जरिए माहौल रच दिया है। दरअसल, शुरू से ही राम मंदिर बीजेपी के मुख्य एजेंडे में था। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा में कहा था कि बीजेपी अपने कोर मुद्दे से नहीं हटी है। लेकिन इसके लिए उसे जनता का आशीर्वाद नहीं मिला है। पीएम मोदी ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि बीजेपी किसी मुद्दे को छोड़ी नहीं है लेकिन जिस मात्रा में हमें जनमत मिला है हम उसी मात्रा में काम कर पाएंगे। उन्होंने कहा था कि अगर हमें दो तिहाई बहुमत मिलता है तो हम ये काम भी कर सकते हैं। अब जब आज राम मंदिर बनकर तैयार है और प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हो रहा है तो ये बीजेपी के लिए विचारधारा के स्तर पर एक बड़ी जीत है। इस अवसर पर भगवा दल ने पूरे देश में माहौल बनाकर एक तरह से बड़ी बढ़त भी बना ली है। कुछ महीने में लोकसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी ने इस बड़े इवेंट के जरिए बड़ा माहौल बना दिया है। वोटरों को साध लिया राम मंदिर के नाम पर जिस तरह का माहौल पूरे देश में बना है वो बीजेपी की हौसलाअफजाई वाली है। पार्टी ने वैसे वोटरों को भी राम मंदिर के जरिए साधा है तो चुनाव के ऐन वक्त दूसरे पाले में जा सकते हैं। इन्हें ही फ्लोटर वोटर्स कहा जाता है। हर जगह ऐसे वोटर बीजेपी के इस काम की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। यही नहीं, ओबीसी और फ्लोटर वोटर अभी सबसे ज्यादा बीजेपी के लिए वोकल हो रखे हैं। यानी बीजेपी ने अपने सबसे मारक हथियार के जरिए वैसे वोटरों को भी साध लिया है जिनका इधर-उधर होने का डर था। बैकफुट पर आए अखिलेश, विपक्ष राम मंदिर को लेकर शुरुआत में तो विपक्षी दलों ने काफी आक्रामक रुख अपनाया था। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने इसे बीजेपी और आरएसएस का कार्यक्रम बताया था। एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भी पहले राम मंदिर का आमंत्रण नहीं मिलने की बात कही थी। लेकिन जब उन्हें इसका निमंत्रण मिला तो बड़े सलीके से आमंत्रण ठुकरा दिया और बाद में राम लला के दर्शन की बात कही। एनसीपी चीफ शरद पवार ने भी कुछ ऐसा ही किया और बाद में राम मंदिर जाने की बात कही। दरअसल, जनभावना को देखते हुए विपक्षी दल भी अब बेहद सतर्क हो गए हैं। बीजेपी बेहद आक्रामक होकर विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है। पार्टी का सबसे प्रमुख एजेंडों में से एक पूरा हो चुका है। राम के नाम पर सब जाति एक!पटवर्धन की डॉक्यूमेंट्री में भी ज्यादातर लोग राम के नाम पर एक होते दिखे। इसबार भी राम मंदिर में बाल राम की प्राण प्रतिष्ठा पर पूरे देश के हिंदू एकजुट दिख रहे हैं। जाति नामक दीवार टूटती दिख रही है। राम के नाम पर सब जाति एकजुट दिख रही है। बीजेपी ने जिस तरह से 2024 के लिए राम मंदिर के जरिए अपने पक्ष में लहर बनाती दिख रही है वो विपक्ष के लिए मुश्किल बनती दिख है। अपने एजेंडे को पूरा कर बीजेपी ने बढ़त तो बना ही ली है। वहीं, विपक्ष को अगले दो-तीन महीने एक ऐसी रणनीति बनाकर आगे बढ़नी होगी जो चुनाव में उसे कुछ फायदा दे सके।