किरेन रिजिजू ने हेमंत सोरेन को बताया बिगड़ैल बेटा, बोले- आदिवासियों को जनता का पैसा लूटने का लाइसेंस नहीं

ईडी द्वारा घंटों चली पूछताछ के बाद बुधवार देर रात हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी उत्पीड़न का मामला बनने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आदिवासियों के पास लोगों का पैसा लूटने का लाइसेंस नहीं है। गिरफ्तारी से पहले हेमंत सोरेन ने अपने एक्स अकाउंट पर एक संदेश पोस्ट किया और एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि वह डरेंगे नहीं क्योंकि वह शिबू सोरेन के बेटे हैं। हेमंत सोरेन ने कहा कि गिरफ्तारी जीवन की महान लड़ाई में एक विराम मात्र है। किरण रिजुजू ने पलटवार करते हुए कहा कि शिबू सोरेन के बिगड़ैल बेटे हेमंत को यह शोभा नहीं देता।  इसे भी पढ़ें: Jharkhand: गिरफ्तारी के बाद बोले हेमंत सोरेन, भीख नहीं मांगूंगा, हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगाअपने ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं कहीं अधिक पिछड़े क्षेत्र का आदिवासी हूं। मुझे ये आपका डाइउग मज़ाकिया लगता है। अगर शिबू सोरेन जी ये डायलॉग कहते हैं तो मैं मान सकता हूं लेकिन एक बिगड़ैल बेटा को ये डायलॉग शोभा नहीं देता। वैसे भी आदिवासियों को जनता का पैसा लूटने का लाइसेंस नहीं है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड में तो ये होना ही था। सीएम पर 70,000 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। सबकुछ बेचने के बाद उन्होंने रांची में डिफेंस की जमीन भी बेच दी। इसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। वह इसे उचित ठहराते रहे और ईडी के समन की अवहेलना करते रहे।भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूल गए कि कानून सबसे ऊपर है – जैसा कि अधिकांश ‘राजनीतिक राजकुमारों’ को लगता है कि कानून उन्हें छू नहीं पाएगा। वह 40 घंटे तक लापता रहे और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया…उन्होंने झारखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मसार किया है। गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में सोरेन ने कहा, ”यह एक ब्रेक है। जीवन एक महान युद्ध है। मैं हर पल लड़ा हूं, मैं हर पल लड़ूंगा। लेकिन मैं समझौते की भीख नहीं मांगूंगा।  इसे भी पढ़ें: Hemant Soren की गिरफ्तारी के खिलाफ आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का आह्वान कियाउन्होंने कहा कि मैं चिंतित नहीं हूं क्योंकि मैं शिबू सोरेन का बेटा हूं…पूरे दिन की पूछताछ के बाद, उन्होंने मुझे उन मामलों में गिरफ्तार करने का फैसला किया जो मुझसे संबंधित नहीं हैं। अभी तक उन्हें कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने मेरे दिल्ली आवास पर छापेमारी कर मेरी छवि खराब करने की भी कोशिश की। गरीबों, आदिवासियों, दलितों और निर्दोषों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ अब हमें नई लड़ाई लड़नी है।