PM मोदी की टीम में जाएंगे केशव मौर्य? योगी के ‘नंबर-2’ मंत्री के दिल्ली जाने की क्यों लग रही हैें अटकलें

लखनऊः ‘स्टूल मंत्री’ के रूप में अखिलेश के निशाने पर रहे का कद बढ़ने वाला है। ओबीसी नेता के तौर भारतीय जनता पार्टी का उनका प्रमोशन राष्ट्रीय स्तर पर करने की तैयारी कर रही है। बीते दिनों दिल्ली में आयोजित बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष के पद पर जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। ऐसे में संगठन विस्तार की संभावना है, जिसमें उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जानी है। इसके अलावा जल्दी ही मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल होगा। इस बीच कुछ ऐसा घटित हुआ है, जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी सरकार में नंबर-2 की पोजिशन पर मौजूद डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिल्ली बुलाया जा सकता है।क्यों लग रही हैं अटकलेंकेशव मौर्य के दिल्ली बुलाए जाने को लेकर अटकलें बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद से लगनी शुरू हुई थीं। हुआ यह था कि बीते दिनों पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में साल 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान कई तरह के प्रस्ताव भी पारित किए गए। इन प्रस्तावों को कार्यकारिणी के सामने केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने पेश किया लेकिन जब इनके अनुमोदन की बारी आई तो यूपी के डेप्युटी सीएम केशव मौर्य को यह जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद से ऐसे कयास लगने लगे कि डिप्टी सीएम का कद अब बढ़ने वाला है।क्यों बढ़ सकता है केशव का कदकेशव मौर्य पार्टी के मजबूत ओबीसी चेहरे के रूप में गिने जाते हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में भारी जीत दर्ज की थी। प्रदेश के गैर-यादव ओबीसी वोटरों पर उनका प्रभाव माना गया था। साल 2017 के चुनाव में जीत के बाद योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही केशव मौर्य को भी डिप्टी सीएम बनाकर जीत का ईनाम दिया गया। ब्राह्मण और ओबीसी वोटरों को साधने के लिए मौर्य के साथ दिनेश शर्मा को भी डिप्टी सीएम बनाया गया। हालांकि, साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सिराथू सीट से केशव मौर्य चुनाव हार गए। फिर भी पार्टी ने उन्हें डिप्टी सीएम के पद पर बरकरार रखा। केशव मौर्य लगातार समाजवादी पार्टी के निशाने पर रहे। सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार दावे करते रहे कि ओबीसी होने के नाते केशव मौर्य को बीजेपी में सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने केशव मौर्य को स्टूल मंत्री की संज्ञा भी दे दी। दरअसल, योगी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ केशव मौर्य की एक तस्वीर वायरल हुई थी। इसमें दिनेश शर्मा और योगी आदित्यनाथ तो कुर्सी पर बैठे दिखे लेकिन दोनों के बीच केशव मौर्य स्टूल पर बैठे थे। इसे लेकर ही केशव मौर्य पर अखिलेश निशाना साधते रहे हैं।केशव को लेकर अखिलेश साध रहे थे निशानाअखिलेश ने बीते दिनों यहां तक कह दिया कि ओबीसी समुदाय से आने वाले केशव मौर्य का बीजेपी में सम्मान नहीं होता। अगर वह बीजेपी के 100 विधायकों को लेकर सपा में आ जाएं तो वह उन्हें मुख्यमंत्री बना देंगे। इसे लेकर केशव ने अखिलेश पर पलटवार भी किया था। बहरहाल, उत्तर प्रदेश में गैर-यादव ओबीसी जातियों पर पकड़ बनाने के लिए बीजेपी लगातार कोशिशें कर रही है। दावा किया जाता है कि बीते विधानसभा चुनाव में गैर-यादव ओबीसी वोटर्स ने खुलकर बीजेपी को सपोर्ट किया था।अब आगामी लोकसभा चुनाव में यूपी में बढ़त बनाए रखने के लिए पार्टी केशव मौर्य को पार्टी के महत्वपूर्ण ओबीसी चेहरे के तौर पर केंद्र में लाने की योजना बना रही है। मौर्य को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा या उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर कोई अहम जिम्मेदारी दी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी में केशव मौर्य से प्रस्तावों का अनुमोदन करवा कर भारतीय जनता पार्टी ने यह इशारा जरूर किया है कि योगी के नंबर-दो का दिल्ली प्रमोशन होना तय है।