राहुल के सपोर्ट में बीजेपी पर खूब बरसे केजरीवाल, क्‍या कांग्रेस और आप में बढ़ेंगी नजदीकियां?

नई दिल्‍ली: के समर्थन में केंद्र सरकार पर के संयोजक ने करारा हमला किया। इसके भले ही कई राजनीतिक मायने खोजे जा रहे हों, लेकिन दिल्ली कांग्रेस नेताओं को लग रहा है कि दोनों पार्टियों में चुनावी समझौते की संभावनाओं को टटोलना बहुत जल्दबाजी है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस मामले में सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं बल्कि अन्य पार्टियां भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ एकजुट हुई हैं। दिल्ली कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई है, उसे पूरा विपक्ष अलोकतांत्रिक मानता है और यही वजह है कि वह एकजुट हो गया है। शीला दीक्षित कैबिनेट में मंत्री रह चुके प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह मौजूदा हालात से उत्पन्न समर्थन है। फिलहाल ऐसा नहीं लगता है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक सोच हो। उनका यह भी कहना है कि के बीच सेंट्रल लीडरशिप स्तर पर मौन समर्थन जरूर है। क्योंकि जब करप्शन के मुद्दे पर मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी हुई तो प्रदेश कांग्रेस ने खुलकर इसे सही ठहराया, लेकिन कांग्रेस की सेंट्रल लीडरशिप ने चुप्पी साधे रही।वहीं कांग्रेस के एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि कोर्ट में जो राहुल गांधी के वकील हैं, वहीं सिसोदिया के वकील हैं और वकील अभिषेक मुनी सिंघवी कांग्रेस के नेता भी हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि अभी सबके सामने बीजेपी है, उनके खिलाफ लड़ना है। अभी लोकसभा चुनाव के बारे में सोचना ज्यादा जल्दबाजी हो सकती है।’अभी पूरा विपक्ष एक है’एक अन्य प्रमुख नेता ने कहा कि जो अभी की स्थिति में है उसमें सभी विपक्ष की एक ही लाइन है। एक साथ मिलकर बीजेपी सरकार के खिलाफ खड़ा होना। हो सकता है कि हमारा पॉलिटिकली मतभेद हो, हमारी सोच अलग हो, लेकिन मामला लोकतंत्र की रक्षा का है, इसे बचाए रखने का है। कहीं न कहीं इस बात से हर पार्टी इत्तेफाक रखती है और जो राहुल गांधी के साथ हुआ वैसा उनके साथ भी होने का डर है। इसलिए समर्थन करना सबके लिए मजबूरी भी है।