Kashmir Firoza Jewelery अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही, कारीगर बोले- सरकार को हमारी तुरंत मदद करनी चाहिए

कश्मीर की आभूषण कला की बात ही कुछ और है मगर सदियों पुरानी यह कला फिलहाल अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है। हम आपको बता दें कि कश्मीर में फ़िरोज़ा आभूषण की कालातीत कला विलुप्त होने के कगार पर है क्योंकि इसकी घटती मांग के कारण अधिकांश कुशल कारीगर आजीविका चलाने के लिए अन्य विकल्प चुन रहे हैं। इस समय केवल मुट्ठी भर कारीगर ही इस जटिल शिल्प कला को जिंदा रखे हुए हैं मगर उन्हें भी इस बात की चिंता है कि यदि सरकार ने कोई मदद नहीं की तो वह भी ज्यादा दिन इसे आगे नहीं ले जा पाएंगे। प्रभासाक्षी संवाददाता ने इस कला के कारीगरों से बातचीत की तो उनकी कई समस्याएं उभर कर सामने आईं।इसे भी पढ़ें: Jammu-Kashmir: गणतंत्र दिवस से पहले कश्मीर में कड़ी सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों पर नजरप्रभासाक्षी से बातचीत में श्रीनगर के डाउनटाउन क्षेत्र के फ़िरोज़ा कलाकार मुहम्मद हनीफ ने कहा कि उन्होंने पीढ़ियों से चली आ रही इस कला को तीन दशक समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घटती कला को पुनर्जीवित करने की पहल करनी चाहिए और कहा कि हाथ से बने आभूषणों का अस्तित्व अब सरकारी हस्तक्षेप पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फ़िरोज़ा से बने आभूषणों की मांग न्यूनतम है। उन्होंने कहा कि अब कुछ पर्यटक ही इसमें रुचि दिखाते हैं और इस कला के कारीगर भी बहुत कम बचे हैं। उन्होंने कहा है कि इन कलाकारों के निधन के साथ ही यह कला भी खत्म हो जायेगी।