Karnataka: चिकबल्लापुर में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन, PM बोले- भारत ने विकसित होने का लिया है संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कर्नाकट दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने चिक्काबल्लापुर में श्री मधुसूदन साईं चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया। कर्नाटक चुनाव को लेकर मोदी का यह दौरा काफी अहम मामना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश ने विकसित होने का संकल्प लिया है। कई बार लोग पूछते हैं कि भारत इतने कम समय में वकसित कैसे होगा? इतनी चुनौतियां हैं, इतना काम हैं, ये इतने कम समय में ये कैसे पूरा होगा? इस सवाल का एक ही जवाब है सबका प्रयास। उन्होंने कहा कि चिकबल्लापुर आधुनिक भारत के आर्किटेक्ट में से एक सर एम. विश्वेश्वरय्या की जन्मभूमि है। अभी मुझे सर विश्वेश्वरय्या की समाधि पर पुष्पांजलि का सौभाग्य मिला। इस पुण्य भूमि को मैं सिर झुका प्रणाम करता हूं। इसे भी पढ़ें: Karnataka: चिकबल्लापुर में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन, PM बोले- भारत ने विकसित होने का लिया है संकल्प मोदी ने कहा कि चिक्काबल्लापुर की भूमि ने लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान करके मानवता की सेवा के मिशन को पोषित किया है। ये उपलब्धियां अद्भुत रही हैं। साथ ही आज यहां जिस मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया जा रहा है, वह इस महान मिशन को और मजबूत करेगा। मोदी ने कहा कि बीते 9 वर्षों में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहुत ईमानदारी से, बहुत कुशलता से कार्य करने का प्रयास किया गया है। देश में medical education से जुड़े अनेक reform किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बेटियों को ऐसा जीवन देने में जुटी है जिससे वो भी स्वस्थ रहें और आने वाली संतान भी स्वस्थ रहे।  इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की संसद सदस्यता रद्द, जानिये जनप्रतिनिधित्व कानून के बारे में क्या कह रहे हैं विधि विशेषज्ञ प्रधानमंत्री ने कहा कि आरोग्य के साथ-साथ माताओं, बहनों, बेटियों के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी डबल इंजन सरकार का पूरा ध्यान है। उन्होंने कहा कि जैसा कि सामूहिक प्रयास भारत के विकास की दिशा में चमत्कारिक परिणाम ला सकते हैं, भाजपा ‘जन भागीदारी’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भारत की विकास यात्रा में सामाजिक और धार्मिक संगठनों की बड़ी भूमिका है। विशेष रूप से, कर्नाटक ऋषियों, आश्रमों, मठों की समृद्ध भूमि रही है। ये प्राचीन परंपराएं यहां बहुत जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि संबद्ध संगठनों ने न केवल धर्म और आस्था के संदेश को फैलाने में मदद की है, बल्कि गरीबों, पिछड़ों, आदिवासियों और समाज के अन्य वर्गों को भी सशक्त बनाया है।