J&K: ‘आतंकवाद मुक्त’ अभियान में तेजी लाई जाए, श्रीनगर में सुरक्षा बैठक में बोले अमित शाह

जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बुधवार को राजधानी श्रीनगर में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय अहम बैठक की अध्यक्षता की और शीर्ष अधिकारियों को केंद्र शासित प्रदेश को “आतंकवाद मुक्त” बनाने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने का निर्देश भी दिया ताकि लोग वास्तविक लोकतंत्र का स्वाद चख सकें और शांति का लाभ उठा सकें. शाह आज ही बारामूला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. उन्होंने कल राजौरी में भी जनसभा को संबोधित किया था.
अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी विजय कुमार, जीओसी 15 कोर, बीएसएफ के महानिदेशक और आईजी समेत सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के अलावा गृह मंत्रालय की एक टीम भी शामिल हुई.
सूत्रों के अनुसार अमित शाह को आतंकवाद विरोधी और घुसपैठ विरोधी मोर्चे पर हुई प्रगति पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया गया. बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, “गृह मंत्री शाह ने अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद आतंकवाद से निपटने और घुसपैठ को रोकने में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना की.” उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने हिंसा से संबंधित घटनाओं के “बेहतर आंकड़े” पर आभार भी जताया, जिसमें सुरक्षाबलों के कर्मियों और नागरिकों की हत्याओं में गिरावट शामिल है.
बिना किसी परेशानी के लोग जी सकेंः अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने खुफिया आधारित आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी संतोष व्यक्त किया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर की धरती से आतंकवाद का सफाया करने के लिए अभियान तेज करना चाहिए जिससे लोग असली लोकतंत्र का स्वाद ले सकें और शांति का लाभ उठा सकें.

Jammu and Kashmir | Union Home Minister Amit Shah along with Lt Governor Manoj Sinha chairs a security review meeting with senior officials in Srinagar pic.twitter.com/gTbNdubEot
— ANI (@ANI) October 5, 2022

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों द्वारा अपनाई गई नीति के बारे में बताया-“बेगुनाह को छेड़ो मत, गुनाहगार को छोड़ो मत.” गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि आम आदमी को आजाद महसूस करना चाहिए और बिना किसी परेशानी के जीवन जीने देना चाहिए, जबकि परेशानी पैदा करने वालों, और उनके समर्थकों सहित शांति विरोधी सभी तत्वों को कुचल दिया जाना चाहिए.
जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन कल मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने एक दर्जन से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि इन प्रतिनिधिमंडलों ने कल शाम को श्रीनगर स्थित राजभवन में शाह से भेंट की. उनके अनुसार उनमें व्यापारियों, फल उत्पादक एसोसिएशन, पर्यटन निकाय, राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, होटल मालिकों के प्रतिनिधिमंडल थे.सूत्रों के अनुसार शाह से भेंट के दौरान लोगों ने उन समस्याओं के बारे में बताया जिनसे वे जूझ रहे हैं.
गुर्जर और पहाड़ी समुदायों को आरक्षण का लाभः शाह
इससे पहले राजौरी में जनसभा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया कि जस्टिस शर्मा आयोग की सिफारिशों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों को आरक्षण का लाभ मिलेगा. इस आयोग ने आरक्षण के मुद्दे पर विचार किया था. शाह ने राजौरी में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों के (अनुसूचित जनजाति) आरक्षण में कोई कमी नहीं आएगी और सभी को उनका हिस्सा मिलेगा.
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि नवरात्रि के आखिरी दिन उन्होंने माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए और जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए प्रार्थना की.
जनसभा में पारंपरिक पगड़ी पहनकर पहुंचे लोग
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह की राजौरी जिले में कल मंगलवार को हुई जनसभा में बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक पगड़ी पहनकर शामिल हुए. जनसभा में शामिल हुए अधिकतर लोगों ने पारंपरिक तरीके से बंधी अलग-अलग पगड़ियां पहन रखी थीं, जिसे आमतौर पर ‘शामला’ कहा जाता है.
ढांगरी पंचायत के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा कि पगड़ी राजौरी और पुंछ में लोगों की पारंपरिक पोशाक का हिस्सा है तथा वे इसे ज्यादातर समारोहों के दौरान पहनते हैं. धीरज शर्मा ने कहा, “आज हमने न केवल पोशाक के हिस्से के रूप में बल्कि पहाड़ी समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति के दर्जे की अपनी मांग को उजागर करने के लिए पगड़ी पहनी है.”
शाह ने जनसभा में घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर में गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों को आरक्षण का लाभ न्यायमूर्ति शर्मा आयोग की सिफारिशों के अनुसार मिलेगा, जिन्होंने आरक्षण के मुद्दे की पड़ताल की थी.
इनपुट- एजेंसी/भाषा