नीतीश की शराबबंदी में JDU नेताओं ने लगाया पलीता! यकीन न हो तो पढ़ लीजिए ये रिपोर्ट

दरभंगा: बिहार की नीतीश कुमार नीत सरकार भले शराब बंदी को अपनी उपलब्धि और खास कर आधी आबादी के लिए राहत देने वाला कानून मानती हो, लेकिन इस शराबबंदी मिशन को असफल करने में सत्ताधारी दल जनता दल यू (JDU) का भी कम योगदान नहीं। शराब बंदी कानून की धज्जियां उड़ाते ऐसे कई मामले आए जो सरकार के शासन प्रशासन को नकारा साबित कर गए। ऐसी एक या दो घटना नहीं, जिसमें जेडीयू के नेताओं का नाम आया है। हाल की ही एक घटना है, जहां यूपी बॉर्डर पर जेडीयू के पदाधिकारी को नशे की हालत में पकड़ा गया।क्या हुआ गोपालगंज मेंपिछले दिनों राज्य के गोपालगंज जिला में जेडीयू के बड़े नेता ने राज्य की पुलिस को उसकी औकात बता डाली। जेडीयू पदाधिकारी ने शराबबंदी कानून को झटका तो दिया ही, जेडीयू नेता ने सत्ता का धौंस दिखाते हुए पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कराने तक की धमकी दे डाली। गोपालगंज में एएलटीएफ की टीम ने नशे की हालत में जेडीयू के प्रदेश महासचिव को गिरफ्तार किया। प्रदेश महासचिव की पहचान संजय चौहान के रूप में हुई है। वह गोपालगंज जेडीयू जिलाध्यक्ष भी रह चुके है। बताया जाता है कि शराब के नशे में धुत होकर चौहान यूपी की तरफ से आ रहे थे। इसी दौरान यूपी बिहार की सीमा पर सटे एकडंगा तिमुहानी के समीप एएलटीएफ और मीरगंज थाने की पुलिस ने जांच के दौरान जेडीयू नेता को शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने जब उनकी एक न सुनी तो उन्हें सस्पेंड कराने तक की धमकी दे डाली। लेकिन एएलटीएफ की टीम ने उनकी धमकियों को नजरअंदाज करते हुए मीरगंज थाने की पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद मीरगंज थाने की पुलिस ने जेडीयू नेता की मेडिकल जांच कराई, जिसमें शराब पीने की पुष्टि होने पर उत्पाद अधिनियम के तहत जेल भेज दिया।मुख्यमंत्री के दौरा वाले स्थल पर हो रहा था शराब का कारोबारमुजफ्फरपुर बेला औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री को शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस जब वहां पहुंची तो वहां से एक ट्रक, 4 पिकअप और दो ऑटो पर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब भूंसा और आलू के बीच में छुपाया हुआ था। स्टॉक रूम में जब पहुंची टीम तो विदेशी शराब के सैकड़ों कार्टन बरामद हुए। छापेमारी में एक ट्रक के साथ कई छोटी-छोटी गाड़ियों में भारी मात्रा में शराब बरामद किया गया है। अनुमान के मुताबिक जब्त शराब की कीमत करीब एक करोड़ बताई जा रही है। दिलचस्प तो यह है कि कुछ ही दिन पहले बेला औद्योगिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लेदर कलस्टर में पालना घर का उद्घाटन करने पहुंचे थे।जेडीयू विधायक के भाई शराब व्यवसाईदरभंगा में जेडीयू के विधायक अमन हजारी के चचेरे भाई के यहां से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई है। वाटर प्लांट के नाम पर ये काला कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, तो एक वाटर प्लांट के अंदर भारी मात्रा में शराब रखी हुई थी। बताया जा रहा है कि ये वाटर प्लांट जेडीयू के विधायक अमन हजारी के भाई का ही है। 20 कार्टून शराब जब्त की गई। प्रशांत हजारी के वाटर प्लांट पर शराब की खेप पहुंची है। उसी सूचना के आधार पर देर शाम छापेमारी की गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान मौके से 20 कार्टून शराब जब्त की गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।जेडीयू के पूर्व विधायक भी शराब बंदी को बताया असफलजेडीयू के पूर्व विधायक बोगो सिंह ने भी शराबबंदी को असफल बताते कहा कि दिल्ली, झारखंड, बंगाल, यू पी, हरियाणा और पंजाब से शराब बिहार आ रही है। इन्हें रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल्योर रहा है।यह तो कुछ उदाहरण हैं। मगर घटना की संख्या ज्यादा हुई जो शराब बंदी कानून की धत्ता बताते रहे। यहां तक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र नालंदा में ही शराब का अवैध कारोबार और शराब बनाने का काम लगातार जारी है। उत्पाद विभाग की टीम की ओर से दीपनगर थाना क्षेत्र के तुंगी गांव में छापेमारी कर चार महिला और दो पुरुष को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में जब सी एम का गृहक्षेत्र ही अछूता नहीं रहा तो फिर पूरे की सफलता को लेकर सवाल तो उठ ही रहे हैं।