Jan Gan Man: पत्थरबाजी की घटनाएं देशभर में देखने को मिल रही हैं, आखिर इस समस्या का पक्का इलाज क्या है?

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम जन गण मन में आप सभी का स्वागत है। आज के कार्यक्रम में बात करेंगे पत्थरबाजों के बढ़ते हौसलों की। पूर्व में हमने देखा कि कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षा बलों पर पथराव हुआ करता था और शुक्रवार की नमाज के बाद तो पत्थरबाजी और आईएस के झंडे लहराये जाने की घटनाएं आम बात थीं लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया और घाटी में शांति बहाल की। इसके अलावा केरल, कर्नाटक तथा कुछ अन्य राज्यों में अक्सर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आने लगीं और 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की दिशा में पीएफआई जैसे संगठन काम करने लगे तो मोदी सरकार ने ऐसे संगठनों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए पहले इनसे जुड़े लोगों की धरपकड़ की और उसके बाद पीएफआई और कुछ अन्य उपद्रवी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि यह भारत विरोधी अभियानों में लगे हुए थे। लेकिन सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद पत्थरबाजी अभी भी बंद नहीं हुई है। कभी हिंदुओं के उत्सवों, त्योहारों और धार्मिक यात्राओं पर पत्थरबाजी की जाती है तो कभी आधुनिक वंदे भारत ट्रेन को पत्थरों से निशाना बनाया जाता है। अभी हाल ही में रामनवमी पर शोभायात्राओं के निकाले जाने के समय कुछ राज्यों में जिस तरह श्रद्धालुओं पर पत्थरबाजी की गयी उससे हिंसा भड़क उठी जिससे काफी नुकसान हुआ।सवाल उठता है कि ये पत्थरबाज कौन हैं, कहां से ये पत्थरबाज आते हैं, कहां से पत्थर लाकर अपनी छतों पर एकत्रित करते हैं, क्यों इन पत्थरबाजों के घरों के सारे लोग अचानक से पत्थर मारने लग जाते हैं? सवाल यह भी है कि ऐसा कौन-सा कानून बनाया जाये जिससे पत्थरबाजी रुके।इसे भी पढ़ें: आखिर हिन्दुओं के त्यौहारों पर ही हिंसक घटनाएं क्यों हो रही हैं?इस संबंध में जब हमने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत के पीआईएल मैन के रूप में विख्यात अश्विनी उपाध्याय की प्रतिक्रिया जानी तो उन्होंने कहा कि तू-तू-मैं-मैं से पत्थरबाजी नहीं रुकेगी इसके लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जिहाद खत्म करना है तो पुलिस रिफार्म और ज्यूडिशियल रिफार्म करिए। उन्होंने कहा कि विशेष स्कूल विशेष कानून विशेष दर्जा बंद करिए और समान शिक्षा, समान नागरिक संहिता, समान जनसंख्या संहिता, समान धर्मस्थल संहिता लागू करिए। उन्होंने कहा कि घुसपैठ, घूसखोरी, कालाधान, हवाला, धर्मांतरण और विदेशी चंदा नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाइए तब देखिये पत्थरबाजी कैसे नहीं रुकेगी।