सेरेमनी में हलवा तो ठीक है, बजट में लोगों को इस बार बर्फी खिला दीजिए वित्‍त मंत्री जी!

नई दिल्‍ली: एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होगा। बजट तैयार होने से लेकर पेश होने तक कई परंपराएं निभाई जाती हैं। हलवा सेरेमनी भी इन्‍हीं में से एक है। गुरुवार को इसे मनाया गया। सेरेमनी में सीतारमण ने पूरी बजट टीम के साथ हलवे का स्‍वाद चखा। हर साल निभाई जाने वाली यह परंपरा पिछले साल टूटी थी। मीठी शुरुआत के तौर पर हलवा सेरेमनी मनाई जाती है। इसे बजट छपाई से पहले मनाया जाता है। इसी के साथ बजट की छपाई को ग्रीन सिग्‍नल मिल जाता है। सेरेमनी के साथ बजट प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों का बाहरी दुनिया से कनेक्‍शन कट जाता है। वे नॉर्थ ब्‍लॉक में ही रहते हैं। सेरेमनी में हलवा तो ठीक है। लेकिन, लोगों को इस बार बजट में वित्‍त मंत्री से बर्फी की उम्‍मीद है। वह अपने लिए कई तरह की रियायतों का इंतजार देख रहे हैं। सीतारमण के साथ पूरी बजट टीम ने गुरुवार को धूमधाम के साथ हलवा सेरेमनी मनाई। इस सेरेमनी में वित्‍त मंत्री को खूब एन्‍जॉय करते हुए देखा गया। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट होगा। यही कारण है कि लोगों की अपेक्षाएं भी बहुत ज्‍यादा हैं। कह सकते हैं कि हलवा नहीं, वे बर्फी की आस लगाए बैठे हैं। खासतौर से नौकरीपेशा वाले कर्मचारियों को इससे काफी उम्‍मीद है। वह चाहते हैं कि इनकम टैक्‍स एग्‍जेम्‍प्‍शन लिमिट को बढ़ाया जाए। इसे 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये या इससे कुछ और ज्‍यादा किया जाए। घर खरीदारों को भी बड़ी आसघर खरीदारों को भी वित्‍त मंत्री के इस बजट से काफी उम्‍मीद है। वे चाहते हैं कि इसे लेकर रियायतें बढ़ाई जाएं। घर खरीदार अभी सालाना ब्‍याज भुगतान पर 2 लाख तक टैक्‍स डिडक्‍शन क्‍लेम कर सकते हैं। इसके अलावा हाउसिंग लोन पर दी जाने वाली प्रिंसिपल अमाउंट पर 1.5 लाख रुपये का ड‍िडक्‍शन क्‍लेम किया जा सकता है। आगामी बजट में घर खरीदारों को ये लिमिट बढ़ाए जाने की उम्‍मीद है। लोगों को सेक्‍शन 80सी के तहत लिमिट को भी 3 लाख रुपये तक बढ़ाए जाने की आस है। क्‍या इस मोर्चे पर भी कराएंगी मुंह मीठा? लोग चाहते हैं कि पर्सनल लोन को लेकर भी सीतारमण मुंह मीठा कराएं। पर्सनल लोन पर अभी किसी तरह की रियायत नहीं है। इसके उलट एजुकेशन लोन और होम लोन पर अलग-अलग सेक्‍शन के तहत टैक्‍स से छूट मिलती है। कैपिटल गेंस टैक्‍स पर भी लोग सीतारमण से कुछ अच्‍छा सुनने की उम्‍मीद लगाए हुए हैं।