‘क्या राहुल गांधी और कांग्रेस का अहंकार देश के कानून से बड़ा है?’, भाजपा का नया हमला

लोकतंत्र को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर राजनीति जमकर हो रही है। भाजपा उनपर जबरदस्त तरीके से हमलावर है। आज भाजपा की ओर से राहुल गांधी और कांग्रेस पर एक बार फिर से निशाना साधा गया है। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने साफ तौर पर सवाल किया कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस का अहंकार देश के कानून से बड़ा है? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा लगातार अपशब्द कहना, झूठ कहना… ये उनकी आदत में शुमार है। लंदन में उन्होंने भारत के संविधान और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान किया। इसके अलावा, ओबीसी के प्रति अनादर के उनके मनोविज्ञान को दर्शाने वाले उनके शब्द बहुत ही शर्मनाक हैं। इसे भी पढ़ें: Parliament Diary: खत्म नहीं हो रहा गतिरोध, हंगामे के बीच लोकसभा से विनियोग विधेयक पारितभाजपा नेता ने कहा कि इनके एजेंडे में जो भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की जो कल्पना है… समाज को बांटना, भारत के लोकतंत्र को अपमानित करना, मिथ्या और अनर्गल आरोप लगाना और उसके बाद अहंकार में रहना… यह राहुल गांधी की फितरत है। उन्होंने कहा कि फ्रीडम ऑफ़ स्पीच के तहत किसी को गाली देने की स्वतंत्रता नहीं है, चोर शब्द का इस्तेमाल करना फ्रीडम ऑफ़ स्पीच नहीं फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का दुरुपयोग है। इसी के साध यादव ने कहा कि किसी टाइटल को गाली देना एक समाज का अपमान है और यही राहुल गांधी ने किया है। आपको बता दें कि मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने दोषी पाया और दो साल की सजा सुनाई। हालाकि, राहुल को जमानत मिल गई। इसे भी पढ़ें: मोदी विरोधी पोस्टर लगाने वालों ने खुद को राजनीतिक रूप से डरपोक साबित कर दिया हैइसको लेकर भी कांग्रेस केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस के आरोपों पर यादव ने कहा कि यह अजीब है कि कांग्रेस न्यायिक फैसले तक पर सवाल उठा रही है। उन्हें याद रखना चाहिए कि किसी को गाली देना स्वतंत्रता के अधिकार के तहत नहीं आता है। राहुल गांधी ने बेशक जनता का, देश का, लोकतंत्र का अपमान किया है! उन्होंने कहा कि वो (कांग्रेस पार्टी) मार्च किस बात के लिए निकालेंगे- कि उनको OBC समाज को अपमानित करने का अधिकार है? कि उन्होंने एक ‘सरनेम’ को अपशब्द कहे। कि उनका अहंकार किसी भी समाज को अपमानित कर सकता है?कि कोई न्यायिक निर्णय हो तो उसके खिलाफ मार्च निकाला जाए?