इंटरनेशनल बास्केटबॉल प्लेयर ने की आत्महत्या, नहीं झेल पाईं भाई की मौत का सदमा

भाई की मौत से बुरी तरह टूट चुकी अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्लेयर प्रार्थना साल्वे अपने लिगामेंट टूटने का सदमा नहीं झेल पायी. इसी सदमे की वजह से बुधवार की शाम उसने डैम में कूद कर सुसाइड कर लिया. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को उसका शव बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया. वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है. मध्य प्रदेश के बैतूल में रहने वाली 17 साल की प्रार्थना साल्वे के भाई की एक अग्निकांड में मौत हो गई थी. वहीं हाल ही में उसका लिगामेंट टूट गया था.
एक के बाद एक हुई इन दोनों घटनाओं से प्रार्थना बिल्कुल निराश हो गई थी. इसी निराशा की वजह से वह इस कदर अवसाद में चली गई कि उसने परिजनों से भी बातचीत करना छोड़ दिया. वह बुधवार की रात घर से स्कूटी पर निकली और डैम पहुंच गई. उसने डैम के किनारे खड़ी होकर खुद ही अपने परिजनों को वॉयस मैसेज किया, कहा कि वह जा रही है. परिजन उसके इस मैसेज का कुछ मतलब समझ पाते कि उसने डैम में छलांग लगा दी. परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से सर्च अभियान चलाया और गुरुवार को डैम से उसका शव बरामद किया.
प्रार्थना
सुसाइड नोट के रूप में था वॉयस मैसेज
पुलिस के मुताबिक शहर के कालापाठा इलाके में रहने रहने वाली प्रार्थना साल्वे ने अपने परिजनों को वाट्सऐप पर जो वॉयस मैसेज भेजा है, वह एक सुसाइड नोट की तरह से है. इसमें उसने कहा है कि वह अपने भाई की मौत से दुखी है. यह सदमा उसके बर्दाश्त से बाहर हो गया है. रही सही कसर लिगामेंट टूटने से पूरी हो गई. अब जीने का कोई फायदा नहीं. उसका यह मैसेज सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. पुलिस भी इस मैसेज को सुनकर हैरत में है.
घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे लोग
प्रार्थना का शव गुरुवार को कोसमी डैम में शव मिला है. इस घटना से खेल जगत को भारी क्षति पहुंची है. इस घटना की खबर मिलने से हर कोई हतप्रभ है. किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा कि प्रार्थना जैसी मजबूत इरादों वाली लड़की भी ऐसी हरकत करेगी. उसके खेल सर्किल से जुड़े कोच, खिलाड़ी व अन्य लोग भी कह रहे हैं कि प्रार्थना ऐसे सबको छोड़ कर नहीं जा सकती. उसके सपने बड़े थे. वह देश में बड़ा नाम कमाना चाहती थी.
सात महीने पहले हुई थी भाई की मौत
इंदौर के स्वण्र बाग कालोनी में एक सनकी आशिक ने एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग लगा दी थी. इस घटना में प्रार्थना के भाई देवेंद्र साल्वे की मौत झुलसकर मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से ही प्रार्थना काफी परेशान रहने लगी थी. उसकी बहन का सिलेक्शन नेशनल जूनियर बास्केटबॉल टीम में हो गया था. भाई उसे बैतूल से दिल्ली लेकर गया था और दिल्ली से लौटकर इंदौर में स्वर्ण बाग कॉलोनी में रहने वाले अपने दोस्त गौरव से मिलने गया और वहीं रुक गया. उसी रात वह हादसे का शिकार हो गया था.
लिगामेंट टूटने से अंधेरे में दिख रहा था भविष्य
इसके अलावा प्रार्थना के साथ दूसरी घटना टूर्नामेंट के दौरान लिगामेंट टूट गया था. इससे उसे अपना भविष्य अंधकार में दिख रहा था. जिले के हॉकी खिलाडी हेमंत चंद दुबे का कहना है कि प्रार्थना बैतूल जिले की पहली खिलाड़ी थी जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल में देश का प्रतिनिधित्व किया उसकी मौत से खेल जगत में शोक की लहर छा गई है.