भारतवंशी विवेक रामास्वामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ से नाम वापस लिया, ट्रंप को समर्थन का ऐलान

वाशिंगटन: भारतवंशी इस साल अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर हो गए हैं। उन्होंने अपना नाम वापस लेते हुए डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदवारी के समर्थन की घोषणा की है। आयोवा रिपब्लिकन कॉकस में खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का अपना फैसला बदला है। रामास्वामी ने फरवरी 2023 में दौड़ में रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी पेश की थी। उस समय वह अमेरिकी राजनीति के लिए नए थे लेकिन बीते 11 महीनों में वह काफी हद तक रिपब्लिकन मतदाताओं का ध्यान खींचने में कामयाब रहे थे। रामास्वामी का चुनावी अभियान और नीतियां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलती जुलती हैं। रामास्वामी भी उसी तरह के मुद्दे उठा रहे थे, जो ट्रंप ने 2017 के चुनावों में उठाए थे और उनको जीत मिली थी।सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में आयोवा कॉकस में जीत हासिल की है। आयोवा कॉकस के लिए मतदाताओं ने ट्रंप पर भरोसा दिखाया, जो लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। रामास्वामी मुख्य मुकाबले में भी नहीं आ सके और चौथे नंबर पर रहे, इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि वह राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की दौड़ से हट रहे हैं। 38 साल के रामास्वामी ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया। इससे रिपब्लिकन कैंडिडेट की दौड़ में ट्रंप की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। बता दें कि आयोवा कॉकस प्रक्रिया में काफी अहम स्थान रखती है, इसमें पार्टी के सदस्य अपने राष्ट्रीय सम्मेलनों में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। केरल से अमेरिका गए थे विवेक के माता पिताविवेक रामास्वामी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। विवेक के माता-पिता केरल के पलक्कड़ से अमेरिका गए थे। रामास्वामी का जन्म अमेरिका के ओहियो के सिनसिनाटी में हुआ था। विवेक रामास्वामी ने हार्वर्ड कॉलेज से जीवविज्ञान में स्नातक और येल यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है। विवेक अमेरिका के बड़े कारोबारियों में गिने जता हैं। विवेक की पत्नी अपूर्वा ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के वेक्सनर मेडिकल सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर और सर्जन हैं। विवेक ने 2022 में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का ऐलान किया था, जिसे अब उन्होंने वापस ले लिया है।