भारत ने ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन के चेयरमैन को पद्म भूषण देकर चीन को लगा दी मिर्ची

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया है। इस साल 5 को पद्मविभूषण, 17 को पद्मभूषण और 110 को पद्मश्री सम्मान देने का ऐलान किया गया है। इस बार भारत ने ताइवानी कंपनी देकर भारत ने चीन को मिर्ची लगा दी है। ताइवान की कंपनी के चेयरमैन को भारत को तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर भारत ने एक कूटनीतिक दांव चला है। चीन और मालदीव की बढ़ती नजदीकियों के बीच इस दांव से चीन को मिर्ची लग सकती है। दरअसल ताइवान में हाल ही में चीन विरोधी सरकार सत्ता में आई है। विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि भारत ने पद्म भूषण दांव से चीन को बुरी तरह पस्त किया है। चीन को ठेंगा दिखा चुके हैं यंग लूयंग लू ही वही शख्स हैं, जिन्‍होंने चीन से फॉक्‍सकॉन के मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट को हटाकर भारत में शिफ्ट किया है। फॉक्‍सकॉन ऐपल के प्रोडक्‍ट बनाती है और अब आईफोन से लेकर आईपैड तक सभी भारत में ही बन रहे हैं। इस बात से चीन पहले ही तिलमिलाया हुआ था। अब भारत सरकार ने लू को पद्म भूषण से नवाजा है तो चीन को मिर्ची लगना तय है।ताइवान में चीन विरोधी सरकार ताइवान में हाल ही में हुए चुनाव के बाद विलियम लाई चिंग ते नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बने। वो सत्ताधारी डीपीपी के नेता हैं। भारत के नजरिए से यह बहुत अच्छा रहा है। दरअसल ताइवान में आई विलियन लाई की सरकार के कारण चीन की टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि इनकी विचारधार एकदम चीन के खिलाफ है। ताइवान में जब चुनाव अभियान चल रहा था, तब चीन ने बाकायदा वॉर्निंग जारी कीं। उसने कहा कि कोई भी लाई को वोट न दे। ताइवान तो हमारा है, ये चीन से अलग देश नहीं है। हालांकि चीन की इस आधारहीन बातों के बीच ताइवान में लोकतांत्रित तरीके से चुनाव हुए। तमाम रुकावटों के बावजूद यहां विलियम लाई की सरकार सत्ता में आई। लाई ने चुनाव जीतने के बाद कहा कि ताइवान लोकतंत्र से जुड़ा हुआ देश है। उनकी पार्टी की विचारधारा की बात करें, तो उनकी पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) का फोकस ताइवान के नेशनलिज्म पर है, जो ताइवान की पहचान को काफी अहम मानती है।भारत सरकार से पुरस्कार पाकर बेहद खुश हैं यंग लियूपद्म भूषण से सम्मानित ताइवानी टेक्नोलॉजी दिग्गज फॉक्सकॉन के सीईओ और चेयरमैन यंग लियू ने कहा है कि वह भारत सरकार से पुरस्कार पाकर बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह पुरस्कार तब मिला, जब वैश्विक स्तर पर लगभग 70 प्रतिशत आईफोन बनाने वाली फॉक्सकॉन भारत में स्थानीय विनिर्माण की दिशा में भारी निवेश कर रही है। लियू ने कहा, ‘इस जबरदस्त विशिष्टता के लिए प्रधान मंत्री, राष्ट्रपति और भारत के अद्भुत लोगों को मेरा हार्दिक धन्यवाद। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह एक ऐसे सहयोग की पुष्टि है जो भारत के दीर्घकालिक विकास को लाभ पहुंचाता है और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के विकास का समर्थन करता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी टीम को प्रेरित करता रहूंगा। आइए भारत में विनिर्माण और समाज की भलाई के लिए अपना योगदान दें।’ पिछले साल लियू ने कहा था कि भारत में सुधारों और नीतियों ने पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। भारत भविष्य में विनिर्माण के मामले में बहुत महत्वपूर्ण देश होगा। पिछले साल नवंबर में ताइवानी अनुबंध निर्माता फॉक्सकॉन ने कहा था कि वह भारत में 1.54 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहे है, क्योंकि देश में स्थानीय विनिर्माण दोगुना हो गया है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में, फॉक्सकॉन ने कहा कि निवेश से उसे परिचालन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। भारत में बढ़ा रहे हैं कारोबारफॉक्सकॉन के पास पहले से ही तमिलनाडु में एक आईफोन फैक्ट्री है, जिसमें 40,000 लोग कार्यरत हैं और उसने राज्य में एक नई इलेक्ट्रॉनिक्स घटक इकाई में 1,600 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे 6,000 नौकरियां पैदा होंगी। कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वह तेलंगाना में अपनी विनिर्माण सुविधा में अतिरिक्त 3,300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे राज्य में कंपनी का कुल निवेश 4,550 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। फॉक्सकॉन के चेयरमैन लियू ने हाल ही में वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए आयोजित ‘सेमीकॉनइंडिया 2023’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया, जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में किया था।